6 तेऊ बोलअ आपणैं आदमी का, "बिधाता ज़ाणा ऐहा गल्ला, मुंह निं आपणैं मालक राज़ै शाऊला संघै इहअ लागा करनअ। मेरी आसा बिधाता का एही अरज़ कि इहअ बूरअ निं मेरै भलै भिई लोल़ी हुअ। नां मुंह अह मारनअ किल्हैकि अह आसा बिधाता आप्पै अभिषेक करी राज़अ बणाअं द।"
6 तेऊ बोलअ आपणैं आदमी का, "बिधाता ज़ाणा ऐहा गल्ला, मुंह निं आपणैं मालक राज़ै शाऊला संघै इहअ लागा करनअ। मेरी आसा बिधाता का एही अरज़ कि इहअ बूरअ निं मेरै भलै भिई लोल़ी हुअ। नां मुंह अह मारनअ किल्हैकि अह आसा बिधाता आप्पै अभिषेक करी राज़अ बणाअं द।"