5 तम्हैं करै आपणैं परमेशर बिधाता लै आपणअ सारअ मन्न, प्राण अर आपणअ सारअ ज़ोर लाई झ़ूरी।6:5 मोत्त. 22:27; मार्क. 12:30; लूक. 10:27 6 बिधाते बधान अर बिधी ज़ुंण मंऐं आझ़ खोज़ी लाऐ, तिंयां लोल़ी तम्हैं आपणैं दिलै सदा आद डाहै।6:6 बधा. 11:18-20 7 इना डाहै तम्हैं आपणैं शोहरू-माठै का भिई-भिई बोली खोज़ी। हर बगत करनी तिन्नां संघै एते ई बारै गल्ला, घअरै-बणैं, हांढदी-फिरदी, बैल़ी सुत्तदी अर दोत्ती उझ़दी करै तम्हैं एते ई बारै गल्ला।
20 "तेखअ ज़ै आजू केभै थारै शोहरू-माठै तम्हां का इहअ पुछ़े, ‘बिधाता हाम्हां लै ईंयां बधान अर बिधी किल्है आसा दैनी दी?’
21 "तेभै खोज़ै तम्हैं तिन्नां का इहअ, ‘हाम्हैं थिऐ मिसर देशे माहा राज़ेए गलाम अर बिधाता किऐ हाम्हैं आपणैं महान बला करै तेता का आज़ाद। 22 हाम्हैं भाल़अ बिधाता आपणीं आछी च़मत्कार करदअ अर तेऊ पाई मिसर देशे माहा राज़ै, तेऊए कार करिंदै अर सोभी मिसरी लोगा लै घोर आफ़ता। 23 तेखअ बच़ाऊऐ बिधाता हाम्हैं मिसर देशे गलामी का ताकि सह हाम्हां ऐहा ज़ैगा पजैल़ी सके, ज़िहअ तेऊ म्हारै दादा-बाबा संघै करार थिई किई दी। 24,25 तैही आसा बिधाता हाम्हां लै हुकम किअ द कि हाम्हैं तेऊओ बधान मने अर हाम्हैं डरदी-काम्बदी तेऊए च़ाकरी करे। तेता करै हणैं हाम्हैं धर्मीं अर बिधाता करनी म्हारी फाज़त ज़िहअ सह आझ़ तैणीं करदी आअ, संघा करनी तेऊ म्हारी सोभी कामां लै सफल हणां लै मज़त।’"