1 इज़राईली तै जरदण नदी आर पुर्बा बाखा शितीम ज़ैगा आपणैं खिम्भ पाऐ दै। तेखअ छ़ाडै नूने शोहरू ज़ैहसू दूई ज़ण्हैं जरदण नदी पार कनान देशे खासकर जेरिहो नगरीए लुक्की करै भेख लंदै। ज़ांऊं तिंयां तैहा नगरी पुजै, तिन्नैं काटी राहाब नाओंए कंज़रीए घअरै राच। 2 जेरिहो नगरीए राज़ै का खोज़अ कुंणी कि राची आसा कई इज़राईली म्हारी नगरीए भेख लंदै आऐ दै, 3 जेरिहो नगरीए राज़ै दैनअ राहाब कंज़री लै फैल़अ, "ज़ुंण तेरै घअरै मणछ आसा, तिंयां आसा म्हारै सारै देशे भेख लंदै आऐ दै, तिन्नां काढ बागा लै।"
4-6 सान्हां डाहै तैहा तिंयां दुहै ज़ण्हैं भितरी च़ोरी संघा बोलअ बागै तिन्नां राज़ै छ़ाडै दै आदमी लै, "मुंह सेटा आऐ तै कई मर्ध पर मुखा निं थोघै कि तिंयां किधे थिऐ। नगरीए प्रऊल़ी बुदरनै का आजी गऐ तै तिंयां बापस डेऊई। मुखा निं थोघै कि तिंयां किधा लै डेऊऐ, ज़ै तम्हैं एभी तिन्नों पिछ़अ करे, तै हेरनै तम्हां तिंयां ठिमकी करै ढाकी।" तैहा तै तिंयां भेख लंदै आऐ दै दुहै मणछ उझै टाल़्है कुआल़ी करै शल़ूईए बरिंडै जैंदरी च़ोरी डाहै दै। 7 राज़ै छ़ाडै दै तिंयां मणछ डेऊऐ नगरी बागै तिन्नां इज़राईली लोल़ै जरदण नदीए बाढा तैणीं अर नगरीए प्रऊल़ डाही पिछ़ू तेभी बुदरी।
8 ज़ेतरी तिंयां भेख लंदै आऐ दै मणछ सुत्ती च़ाल्लै तै, तेतरी गई सह बेटल़ी उझै टाल़्है लै एछी संघा लागी इहअ बोल्दी, 9 "हुंह ज़ाणा कि बिधाता दैनअ अह देश तम्हां लै, एऊ देशे सारै लोग आसा तम्हां का खास्सै डरै दै। 10 हाम्हैं आसा गल्ला शूणीं दी ज़धू तम्हैं मिसर देशा का निखल़ै तै, तधू बिधाता लाल समुंदर तम्हां पार काढणा लै किहअ पाअ त शकेऊई। ईंयां गल्ला बी आसा हाम्हैं शूणीं दी कि तम्हैं इज़राईली जरदण नदी पुर्बा बाखा राज़ करनै आल़ै दूई अमोरी राज़ै सिहोन अर ओग किहै पाऐ मारी। 11 ज़धू हाम्हैं ईंयां गल्ला शूणीं, हाम्हां आसा तधा ई ओर्ही शेल़अ पल़अ द, तम्हां करै गअ द म्हारअ हैअ चुटी। स्वर्गो मालक थारअ परमेशर बिधाता आसा ऐहा पृथूईओ बी मालक। 12 ऐबै काढा तम्हैं बिधाते सोह कि ज़ेही झींण मंऐं तम्हां लै किई, तेही झींण करै तम्हैं मुल्है अर मेरै टबरा लै बी, ऐहा गल्ले डाहा तम्हैं मुल्है नशाणी दैई कि हुंह तम्हां दी भरोस्सअ करी सकूं। 13 तम्हैं दैआ मुल्है ज़बान कि मेरै ईज-बाब, भाई-बैहणी अर तिन्नें टबर डाहणैं तम्हां राज्ज़ी-राम्बल़ै! हाम्हां निं तम्हैं मारी आथी!"
14 तेखअ बोलअ तिन्नैं मणछै तैहा लै, "ज़ेही हाम्हैं ज़बान दैनी, ज़ै हाम्हैं तिहअ नांईं करे, तै लोल़ी बिधाता तेरै बदल़ै हाम्हैं मारै! ज़ै तूह म्हारअ भेद होरी का नांईं खोज़े, तै रही म्हारी ताल्है ज़बान कि ज़ेभै बिधाता हाम्हां ऐहा ज़ैगे मालक बणांए, तेभै करनअ हाम्हां ताह संघै भलअ बभार।"
15 राहाब कंज़रीओ घअर त नगरीए दुआलीए नील़ै। तैहा छ़ड़ाऊऐ तिंयां दुहै ज़ण्हैं राश्शी करै ताक्की बाती उंधै नगरी बागा लै। 16 तैहा बोलअ तिन्नां लै इहअ, "उझै डेओआ धारा बाखा लै, नांईं ता राज़े आदमी हेरनै तम्हैं लोल़ी। तिधी रहै चिई धैल़ै तैणीं डुआरै लुक्की ज़ांऊं तैणीं तिंयां बापस निं फिरै, तेखअ लागै आपणीं बाता हांढदै।"
17 उंधै होथणै का आजी बोलअ तिन्नैं तैहा लै इहअ, "ज़ुंण ज़बान तंऐं हाम्हां का मांगी, सह करनी हाम्हां पूरी, 18 पर तूह करै सिधअ एतरअ कि ज़ेभै हाम्हैं एऊ देशा लै एछे, तेभा लै डाहै तूह आपणैं ईज-बाब अर सोभी नातै रिश्तैदारा आप्पू सेटा लै शादी संघा डाहै ऐहा ई लाला रांगे राश्शी आपणीं ताक्की दी बान्हीं ज़ेता करै तंऐं हाम्हैं उंधै लाऐ थुआल़ी। 19 पर ज़ै तिन्नां मांझ़ै तेभै तेरै घअरा का बागै निखल़े सह हणीं तेऊए आपणीं गलती करै मौत अर तेते ज़िम्मैंबार निं तेखअ हाम्हैं आथी। पर ज़ै तेरी पांडा भितरी कहा लै हान्नी होए, सह ज़िम्मैंबारी रही म्हारी। 20 पर ज़ै तूह म्हारी इना गल्ला कहा होरी का खोज़े कि हाम्हैं किज़ै लाअ करी, तै निं हाम्हैं ऐहा करारा पूरी करी सकदै ज़ुंण तंऐं हाम्हां का ज़बान मांगी।" 21 राहाब कंज़री बोलअ, "ज़िहअ तम्हैं बोलअ मुंह करनअ तिहअ ई।" तेखअ दैनअ तैहा तिन्नां डेऊणैं, तिंयां लागै हांढदै अर तैहा डाही सह लाला रांगे राश्शी आपणीं ताक्की दी बान्हीं।
22 तिंयां भेख लणैं आल़ै पुजै उझै धारा संघा रहै तिधी लुक्की। राज़े आदमी रहै चिई धैल़ै तैणीं तिन्नां लोल़ै लागी पर तिंयां निं भेटै, तेखअ डेऊऐ तिंयां खिरी जेरिहो नगरी लै फिरी। 23 खिरी होथै तिंयां दुहै भेख लणैं आल़ै धारा का उंधै संघा पुजै जरदण नदी पार टपी बापस ज़ैहसू सेटा बापस फिरी। संघा खोज़ी तेऊ का सारी गल्ला कि तिन्नां संघै किहअ-किहअ हुअ। 24 तिन्नें बोलअ ज़ैहसू लै इहअ, "ऐबै हुअ हाम्हां निहंचअ कि अह सारअ देश दैनअ बिधाता म्हारै हाथै। तिधे सारै लोग आसा हाम्हां का डरै दै।"