14 सर्वां संग सान्ती लक पवितर बनन को कोसीस करा। काहेका पवितर मानूस च पिरभू ला चोहेत। 15 एना गोस्टी को ध्यान राखो का कोनी मानूस परमेस्वर को किरपा लक मुरक ना जाय, अना तुम्हीला दुख देवन काजी अखिन लगत लोक गिनला खराब करन काजी कोनी झंझट को जड़ नोको फूटेत।
14 सर्वां संग सान्ती लक पवितर बनन को कोसीस करा। काहेका पवितर मानूस च पिरभू ला चोहेत। 15 एना गोस्टी को ध्यान राखो का कोनी मानूस परमेस्वर को किरपा लक मुरक ना जाय, अना तुम्हीला दुख देवन काजी अखिन लगत लोक गिनला खराब करन काजी कोनी झंझट को जड़ नोको फूटेत।