1 अक्लमन्द मट्ठू बाजी केरि शिक्षा शुनते,
पन मज़ाक बनानेबालो झ़िड़क भी न शुने।
2 भलो मैन्हु अपने गल्लां केरे वजाई सेइं रोड़ी चीज़ खालो,
पन धोखेबाज़ लोकां केरू पेट ज़ुलमे सेइं भेरोते।
3 ज़ै अपने ज़बानरी एतिहात केरते, तै अपने प्राणां केरि हिफाज़त केरते,
पन ज़ै लापरवाह भोइतां गल्लां केरते तै अपने ज़िन्दगरो नाश केरते।
4 आलसी मैन्हेरे प्राण खुवैइश त केरतन, पन तैस किछ न मैल्हे,
पन मेहनती मैन्हेरी इच्छां पूरी भोइ गैतिन।
5 धर्मी झूठी गल्लन सेइं बैर रखते,
पन दुष्टेरू हर कम शरमरी वजा भोते ते बदनामी कराते।
6 धार्मिकता रोड़ी चाल च़लने बालेरी हिफाज़त केरतीए,
पन पापी अपनि दुष्टतारे वजाई सेइं बिछ़ड़ते।
7 कोई त दौलत अकोट्ठी केरते, पन तैस कां किछ न राए,
ते कोई दौलत उड़ाते, फिरी भी तैस कां बड़ी दौलत रहतीए।
8 अमीर मैन्हेरे प्राणेरी छुड़ौती तैसेरे दौलती सेइं भोतीए,
पन गरीब एरी झ़िड़क भी न शुने।
9 धर्मी लोकां केरि लौ बलती राली,
पन दुष्टां केरो दीयो हिश्शी गाते।
10 घमण्डे सेइं सिर्फ लड़ैई भोतिन,
पन ज़ैना लोक सलाह मनतन, तैन कां अक्ल रहतीए।
11 धोखे सेइं अकोट्ठी दौलत लूशी घटतीए,
पन ज़ै अपने मेहनती सेइं अकोट्ठू केरते, तैसेरी तरक्की भोतीए।
12 ज़ैखन उमीद पूरी भोने मां च़िर भोते, त मन परेशान भोते,
पन ज़ैखन इच्छा पूरी भोतीए, तैखन ज़िन्दगरो बुट लगते।
13 ज़ै सही सलाही घटिया ज़ानते, तैसेरो नाश भोइ गाते,
पन हुक्मेरी आदर केरनेबाले रोड़ो फल मैलते।
14 अक्लमन्देरी शिक्षा ज़िन्दगरो नागे,
ते तैसेरे ज़िरिये लोक मौतरे फंदन करां बेच़ी सकतन।
15 अक्लरे ज़िरिये सेइं अनुग्रह भोते,
पन धोखे बाज़ां केरि बत मुश्किल भोतीए।
16 समझ़दार मैन्हु ज्ञाने सेइं सब कम केरते,
पन बेवकूफ अपने बेवकूफी फैलाते।
17 दुष्ट दूत बुरैई मां फसते,
पन भरोसेरे काबल दूत मेल करावाते।
18 ज़ै शिक्षारी अनशुनी केरते तै गरीब भोइ गाते ते तै बेइज़्ज़त भोते,
पन ज़ै डांटी मन्ते, तैसेरी आदर भोतीए।
19 खुवैइश पूरी भोनी त प्राणे मिट्ठी लगतीए,
पन बुरैई करां हटनू, बेवकूफां केरे प्राणे बुरू लगते।
20 अक्लमन्दन सेइं संगती केर, तैखन तू भी अक्लमन्द भोइ गालो,
पन बेवकूफां केरो साथी नाश भोइ गालो।
21 मुसीबत पापी लोकन पत्ती लगोरी रहतीए,
पन धर्मी लोकन रोड़ो फल मैलते।
22 भलो मैन्हु अपने धियोड़ां-पोट्लड़ां केरे लेई जाईदात छ़डते,
पन पापी मैन्हेरी जाईदात धर्मी मैन्हेरे लेई रख्खी गाचे।
23 गरीब लोकन ज़मीनदैरी मरां बेड़ि खानेरी चीज़ां मैल्हतिन,
पन तैना ज़ैन किछ उपातन अन्याय केरनेबाले तैन हड़पतन।
24 ज़ै मट्ठे सज़ाह देनेरे लेई लैट्ठी सेइं न बाए, तै तैसेरो बैरी आहे,
पन ज़ै तैस सेइं प्यार रखते, तै कोशिश केरतां तैस शिक्षा देते।
25 धर्मी पेट भेरतां खाते,
पन दुष्ट नियन्ने रहतन।