1 दुष्ट लोक ज़ैखन कोई पत्ती न भोए खतोरो तैखन भी नशतन,
पन धर्मी लोक जुवान शेरां केरे ज़ेरे निडर रहतन।
2 मुल्खे मां पाप भोनेरे वजाई सेइं तैसेरे हाकिम बदलते गातन;
पन समझ़दार ते ज्ञानी मैन्हु केरे ज़िरिये रोड़ो इंतज़ाम बड़े दिहाड़ां केरे लेई बनोरो रालो।
3 ज़ै गरीब मड़द कंगालन पुड़ अंधेर केरते,
तै एरी भारी झ़ेड़री ज़ेरोए ज़ैन किछ खानेरी चीज़ न शारे।
4 ज़ैना लोक कानूने शारतन, तैना दुष्टेरी तारीफ़ केरतन,
पन कानूने पुड़ च़लनेबाले तैन केरि खलाफत केरतन।
5 बुरे लोक न्याय न सेमझ़ी सकन,
पन यहोवारे तोप्पने बाले सब किछ समझ़तन।
6 टारी चाल च़लनेबाले अमीर मैन्हु करां सच़्च़ाई सेइं च़लनेबालो गरीब मड़द रोड़ोए।
7 ज़ै कानूने मन्ते तैन समझ़दार मट्ठू भोते,
पन उडारने बालेरो साथी अपने बाजी केरू तुत्तर कालू केरते।
8 ज़ै अपनि दौलत सूते सेइं बद्धाते
तै तैसेरेलेइ अकोट्ठू केरते ज़ै कंगालन पुड़ दया केरते।
9 ज़ै अपनो कन कानून शुन्ने करां मोड़ते,
तैसेरी प्राथना भिट्टी ठहरतीए।
10 ज़ै सिद्धे लोकन टेपलोइतां बुरी बत्ती मां नेते तै अपने घड़ोरे खड्डे मां एप्पु झ़ड़ते;
पन बेकसूर लोक भलेरे हिस्सेदार भोतन।
11 अमीर मड़द अपनि नज़री मां अक्लमन्द भोते,
पन समझ़दार कंगाल तैस समझ़ते।
12 ज़ैखन धर्मी लोक ज़ींत हासिल केरतन, तैखन बड़ी शोभा भोतीए;
पन ज़ैखन दुष्ट लोक कब्ज़ो केरतन, तैखन मैन्हु अपने आपे छ़ुपाते।
13 ज़ै अपने पाप छ़ुपेइतां रखते, तैसेरू कम कामयाब न भोए,
पन ज़ै तैन्न मन्ते ते शारते भी,
तैस पुड़ महरबानी की गाली।
14 ज़ै मैन्हु लगातार परमेशरेरो डर मनतो रहते तै धने;
पन ज़ै अपनो मन सखत केरते तै मुसीबती मां पेते।
15 कंगाल लोकन पुड़ अधिकार केरनेबालो दुष्ट, गरज़नेबाले शेर ते घुमने बाले इछ़ेरो ज़ेरोए।
16 तै हुकूमत केरनेबाले ज़ैस मां समझ़री घटी भोए, तै बड़ी अंधेर केरते;
ते ज़ै लालच़ेरो दुश्मन भोते तैसेरी उमर लम्मी भोतीए।
17 ज़ै मैन्हु कोन्ची मैन्हेरे मौतरो पापी भोए, तै नेशतां खड्डे मां झ़ड़ेलो;
कोई तैस न रोकेलो।
18 ज़ै सही सेइं च़लते तै बच़ाव गाते,
पन ज़ै टारी चाल च़लते तै अचानक झ़ड़ते।
19 ज़ै अपनि ज़मीनी बेते, तैसेरू पेट भरते,
पन ज़ै निकम्मे लोकां केरू साथ रखते तै बड़ो कंगाल भोइ गाते।
20 सच़्च़े मैन्हु पुड़ बड़े आशिर्वाद भोतन,
पन ज़ै अमीर भोने मां जल्दी केरते, तै बेकसूर न ठहरे।
21 तरफदारी केरनि रोड़ी नईं;
ते इन भी रोड़ू नईं कि रोट्टरे एक्की टुक्ड़ेरे लेई मैन्हु पाप केरे।
22 लालच़ी मैन्हु दौलत हासिल केरने मां जल्दी केरते,
ते न ज़ाने कि तै कंगाल भोइ गालो।
23 ज़ै कोन्ची मैन्हु डांटते तै आखरी मां चापलूसी केरनेबाले करां जादे ट्लारो भोइ गाते।
24 ज़ै अपने अम्मा-बाजी लुटतां ज़ोते कि किछ पाप नईं,
तै नाश केरनेबालेरो साथी ठहरते।
25 लालच़ी मैन्हु लड़ाई मच़ाते,
ते ज़ै यहोवा पुड़ भरोसो रखते तै फलेलो फुलेलो।
26 ज़ै अपने आपे पुड़ भरोसो रखते, तै बेवकूफे;
ते ज़ै अक्ली सेइं च़लते, तै बच़ते।
27 ज़ै गरीबे दान देते तैस घटी न भोए,
पन ज़ै तैस करां नज़र फिराते तैस लानती पुड़ लानत भोतीए।
28 ज़ैखन दुष्ट लोक काबज़ भोतन तैखन तै मैन्हु तोप्पने सेइं न मैल्हे,
पन ज़ैखन तैना नाश भोतन, तैखन धर्मी तरक्की केरतन।