2 ज़ैखन धर्मी लोक उच्चे भोतन, तैखन आवाम खुश भोतीए; पन ज़ैखन दुष्ट राज़ केरते तैखन आवाम अफ़सोस-अफ़सोस केरतीए।
2 ज़ैखन धर्मी लोक उच्चे भोतन, तैखन आवाम खुश भोतीए; पन ज़ैखन दुष्ट राज़ केरते तैखन आवाम अफ़सोस-अफ़सोस केरतीए।