पाँचवो दिन मच्छीहोन अरु पंच्छी
20 फिर परमेश्वर ने बोल्यो, "पाणी जींदा जनवरहोन से भोत ही भरी जाये, अरु चिडी धरती का उपर आकाश का मध्य उड्ये." 21 येकालिए परमेश्वर ने जात-जात का बडा-बडा जल-जन्तुहोन की, अरु उन सब जींदा जनवर खे भी बनाया जो चलता फिरता हइ जिनसे पाणी भोत ही भरी गयो अरु एक-एक जात का उडन आला चिडी खे भी बनाया; अरु परमेश्वर ने देख्यो कि अच्छो हइ. 22 परमेश्वर ने यो बोली खे उन खे आशिर्वाद दीयो, "फूलो-फलो, अरु समुंदर का पाणी मे भरी जाव, अरु चिडी धरती पर फहीली जाव." 23 तथा संजा हुय फिर फजर हुय यो प्रकार पाँचवो दिन हुय गयो.
छठवो दिन धरती का जीवजन्तु अरु इन्सान
24 फिर परमेश्वर ने बोल्यो, "जो कुछ बन्यो हइ उ जमीन से पैदा हुयो हइ, एक-एक जात का जींदा जनवर, अर्थात् घरेलू जनवर, अरु रेंगन आला जन्तु, अरु धरती का जंगली जनवर, जात-जात का अनुसार पैदा हुये," अरु ओसो ही हुय गयो.