28 परमेस्वर तो ख बध्दल से ओस अऊर जमीन की बडी से बडी उपज, अऊर बहुत सो अनाज अऊर अंगूर की फसल प्रदान करे। 29 राज्य-राज्य का लोग तोरा अधीन हो, अऊर देस-देस का लोग तो ख दण्डवत् करे। तू अपनो भाई हुन को स्वामी हो, अऊर तोरी माता को पोरिया तो ख दण्डवत् करे। जो तो ख साप दे वी तुम ही सापित हो, अऊर जे तो ख आसीर्वाद दे वी आसीस पाएँ।
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