1 याकूब न आँख उठा ख यहाँ देखियो कि एसाव चार सव अदमी हुन संग लियो हुओ चल्यो आवा है। तब ओ न बच्चा ख अगल-अगल बाँट ख लिआ अऊर राहेल अऊर दोई दासी हुन सोप दियो। 2 अऊर ओ न सबसे आगे लड़का हुन समेत लिआ को अऊर सब को पिछे पोरिया हुन समेत लिआ को अऊर सब को पीछे राहेल अऊर यूसुफ ख रखयो, 3 याकूब उन को आगे-आगे गयो। जब लक वहा जमीन प झुक ख सात बार ओको अभिवादन करते रहयो। अऊर अपनो भई को जोने पहुचो। 4 तब एसाव ओसे भेट करन ख दऊडियो, अऊर ओको दिल से लगा ख, गला से लिपट ख चुम्यो फिर वी दोई रो पडे। 5 तब ओ न आँख उठा ख बाई हुन ख अऊर बच्चा हुन ख देखयो, अऊर पुछियो, "यी जो तोरो संग है वी कोन आय?" ओ न कहयो, "यी तोरा दास पोरिया आय, जिन ख परमेस्वर न दया कर ख मो ख दियो है।" 6 तब पोरिया समेत दासी हुन न जोने आ ख दण्डवत् कियो; 7 फिर लड़का हुन समेत लिआ जोने आया अऊर उन न भी दण्डवत कियो; अन्त म यूसुफ अऊर राहेल न भी निकट आ ख दण्डवत करियो। 8 तब ओ न पुछयो, "तोरो यहाँ बडो दल जे मो ख मिल्यो, ओको का पयोजन आय?" ओ न कहयो, "यहाँ कि मोरो प्रभु कि दया दृस्टि मो पर बनी रहे।" 9 एसाव न कहयो, "अरे मोरा भाई मोरो जोने तो बैजा है; जे कुछ तोरा है वहा तोरो ही रहे।" 10 याकूब न कहयो, "नी नी, अदि तोरी दया मो पर हो, ते मोरी भेट ग्रहन कर; काहेकि मी न तोरो दर्सन पा ख, मानो परमेस्वर को दर्सन पायो है, अऊर तू मो से खुस हुओ है। 11 ऐकोलाने यहाँ भेट जे तो ख भेजी गई है, ग्रहन कर; काहेकि परमेस्वर न मो पर दया करी है, अऊर मोरो जोने बहुत है।" जब ओ न ओसे बैजा आग्रह करियो, तब ओ न भेट ख ग्रहण करयो। 12 फिर एसाव न कहयो, "आ, हम बढ़ चले; अऊर मी तोरो आगे-आगे चलूंगो।" 13 याकूब न कहयो, "हे मोरो प्रभु, तू जानह ही है कि मोरो ही साथ सुकुमार पोरिया अऊर दुध देवन वाली भेड़-बकरी हुन अऊर गईया हुन है; अदि असा जानवर एक दिन भी जादा हांका जाये, ते सब का सब मर जायेगो। 14 ऐकोलाने मोरो प्रभु अपनो दास को आगे बढ़ जाए, अऊर मी इन जानवर हुन कि गति को अनुसार जे मोरो आगे है, अऊर बच्चा हुन कि गति को अनुसार जे मोरा आगे है, अऊर बच्चा हुन कि गति को अनुसार धीरे धीरे चल ख सेईर नगर म अपनो प्रभु को जोने पहुँचूंगो।" 15 एसाव न कहयो, "ते अपना साथी हुन म से मी कोई एक तोरो संग छोड़ जाऊ।" ओ न कहयो, "असो काहे? इत्तो ही बहुत है कि मोरो प्रभु कि दया किरपा दृस्टि मो पर बनी रहे।" 16 तब एसाव न उही दिन सेईर नगर जावन ख अपनो रस्ता लियो। 17 पर याकूब वहाँ से निकल ख सुक्कोथ ख गयो, अऊर वहा अपनो लाने एक घर, अऊर जानवर हुन को लाने झोपडी बनाए। यू ही वजह से ऊ जगह को नाम सुक्कोत पड़ो। 18 याकूब जे पद्दनराम से आयो थो, ओ न कनान देस को सकेम नगर को जोने सान्ति पुर्वक से पहुँच ख नगर को सामे डेरे खडो करिया। 19 अऊर जमीन को जिस खण्ड पर ओ न अपनो तम्बू खडो करियो, ओ ख ओ न सकेम को बाप हमोर को पोरिया हुन को हात से एक सव चाँदी को सिक्का म मोल लियो। 20 वहा ओ न एक वेदी बना ख ओको नाम एल-एलोहे-इस्राएल रखयो।
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Gênesis 33
याकूब अऊर एसाव को मिलन
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