41 एसाव न ते याकूब से अपनो बाप ख दियो हुओ आसीर्वाद को वजे से बैर रखयो; अऊर ओ न सोचियो, "मोरो बाप को माऊत को दिन निकट है, फिर मी अपनो भई याकूब ख घात करुगो।" 42 जब रिबका ख ओ को बडो पोरिया एसाव की या बात बताई गई तब ओ न सेवक भेज ख अपनो छोटो पोरिया याकूब ख बुलायो। रिबका न ओसे कहयो, "देख, तोरो भई एसाव तो ख मार डालन को लाने अपनो मन म धीरज रखे हुओ है। 43 अब मोरो पोरिया, मोरी बात सुन। तू मोरो भई, अपनो मामा लाबान को जोने हारान देस भग जा। 44 कुछ दिन, जब लक तोरो भई को गुस्सा सान्त नी हो जाए, तू अपनो मामा को संग रहनो। 45 जब तोरो भई को गुस्सा सान्त हो जाएगो, अऊर जे तु न ओको साथ कियो है, ओ ख वाहा भूल जाएगो तब मी सेवक भेज ख तो ख वाहा से बुलाय लुँगी। मी एक ही दिन तुम दोई पोरिया ख काहे खो देहु?"