राख्सै किअ आयूब पठी बरैबाद
1 ऊज़ नाओंए देशै रहा त एक मणछ, तेऊ नाअं त आयूब। सह थिअ खास्सअ धर्मीं मणछ अर सह रहा त बिधाते डरा हेठै, तेऊ निं कधि किछ़ै पाप किअ।
2 आयूबे थिऐ सात शोहरू अर चअन शोहरी। 3 तेऊ का थिऐ खास्सै डागै-चैणें हेल़्ही, सात हज़ार भेडा, चअन हज़ार ऊँट, पांज़ शौ ज़ोल़ी बल्द, पांज़ हज़ार गाधी अर खास्सै दास-दासी। सह थिअ पुर्बा बाखा देशे लोगा मांझ़ै सोभी का सेठ मणछ।