सारदीस मंडड़ीही संदेश
1 "सारदीसोअ मंडड़ीइ दुतोहो ओं लेख:
"जियापोअ देवोअ हांत आत्मा आन हांत तारा होय, तो एहें कोहे के, ताआ कामे माहूं मुंदू होय, तु जिवतु होय एहें कोत माहें कोतेहे, पोन तू मोल्यू होय. 2 निंदेम रोत ऊठ, आन जों वाहींज रोयोहो आन जों आरवाअहूं कोअहे, तियाहा वातड़ो तोअ; काहाके ताआ कोड्लाज कामोहों आंय माआं देवोअ नजरेम पुरो ओवत्लो नाहां देख्यो.