1 गिदोनो शोहरू अबीमोलक त शकेम नगरी ज़िधी तेऊए माऊल़ै तै बस्सै दै। तेऊ बोलअ तिन्नां लै इहअ, 2 "शकेम नगरी पुछ़ा सोभी लोगा का इहअ, ‘तम्हां लै भलअ किज़ै आसा कि गिदोने सत्तर शोहरू सोभै तम्हां प्रैंदै राज़ करे ताकि तिन्नां मांझ़ै तेऊओ एक शोहरू? ऐहा गल्ला निं बिस्सरी हेरे कि हुंह आसा थारअ ई सक्कअ भाणज़ू।’"
3 अबीमोलके माऊल़ै खोज़ी ईंयां गल्ला शकेम नगरी सोभी सैणैं का। शकेम नगरी बणी एही एक राऐ कि अह हणीं राम्बल़ी गल्ल कि म्हारअ ई सक्कअ भाणज़ू एक्कै हाम्हां प्रैंदै राज़ करे। 4 तिन्नैं दैनै अबीमोलका लै बाल-बरीत देअए देहुरै का सत्तर च़ंदीए सिक्कै। तिंयां ढब्बै दैनै तेऊ इहै बदमाश लोगे एकी छ़ुंढा लै। तिंयां बदमाश हआ तै ढब्बे तैणीं ज़िहअ च़ाहे तिहअ करना लै तैर। 5 तेखअ डेऊअ सह ओफरा नगरी आपणैं घअरा लै। तिधी पाऐ तेऊ आपणैं बाब गिदोने तिंयां सत्तर शोहरू एकी ई टोल्हा प्रैंदै मारी। पर गिदोनो सोभी का कान्हअ शोहरू जताम लुक्कअ तिन्नां का अर इहअ करै बच़अ सह मारनै का। 6 तेखअ हुऐ बतमिलो अर शकेम नगरीए लोग शकेमे डौंडा नेल़ बडै महरूए बूटा हेठै कठा संघा बणाअं तिधी अबीमोलक आपणअ राज़अ।
7 ज़ांऊं जतामा का ऐहा गल्लो थोघ लागअ, सह डेऊअ उझै गरज़ीम धारे च़ुंडी लै संघा लागअ तिधी खल़्हुई करै शकेम नगरीए सैणैं लै ज़ोरै-ज़ोरै हाक्का पाई इहअ बोल्दअ, "तम्हैं शकेम नगरी बस्सणै आल़ै मणछ शूणां मेरी गल्ल, तै परमेशर थारी शुणें! 8 एकी ज़मानैं हुअ त इहअ कि डाल़-बूट लागै आप्पू मांझ़ै छ़ांटदै कि म्हारअ राज़अ कुंण हणअ। तिन्नैं बोलअ जैतूने बूटा लै, ‘तूह कर हाम्हां प्रैंदै राज़।’ 9 जैतूने बूटै दैनअ तिन्नां लै इहअ ज़बाब, ‘तम्हां प्रैंदै राज़ करना लै लागणअ मुंह आप्पू दी सह तेल पैईदा करनअ छ़ाडणअ ज़ुंण देअए अर मणछो अदर करना लै हआ।’
10 "तेखअ बोलअ तिन्नैं होरी डाल़ै-बूटै फेडूए बूटा लै, ‘तूह कर हाम्हां प्रैंदै राज़।’ 11 पर फेडूए बूटै दैनअ तिन्नां लै इहअ ज़बाब, ‘तम्हां प्रैंदै राज़ करना लै लागणै मुंह मिठै-मिठै फल़ पैईदा करनै बंद करनै।’
12 "तेखअ बोलअ तिन्नैं होरी डाल़ै-बूटै दाखे बेला लै, ‘तूह कर हाम्हां प्रैंदै राज़।’ 13 दाखे बेला बी दैनअ तिन्नां लै इहअ ज़बाब, ‘तम्हां प्रैंदै राज़ करना लै लागणअ मुंह आप्पू दी सह रस पैईदा करनअ बंद करनअ ज़ेता करै देअआ अर मणछा मौज़ लागा।’
14 "तेखअ बोलअ सोभी डाल़ै-बूटै झ़िंझ़रे झ़ुंभल़ा लै, ‘तूह कर हाम्हां प्रैंदै राज़।’ 15 झ़िंझ़रे झ़ुंभल़ै दैनअ तिन्नां लै ज़बाब, ‘ज़ै असली दी तम्हैं मेरअ अभिषेक करी तम्हैं मुंह आपणअ राज़अ बणाणअं च़ाहा, तै एछा ओर्ही संघा बेशा मेरी छ़ैल्ली दी। नांईं ता मेरै इना कांडे झ़ुथै दी शाचणी आग अर लाबानोन बणें बडी-बडी केल़ुई बी हणीं दझ़ी खतम।’"
16 एता आजू बोलअ जतामै इहअ, "अबीमोलका आपणअ राज़अ बणाईं कै तम्हैं असली दै मानदार अर शुचै रहै? तम्हैं कै मेरै बाब गिदोने आदगारी लै अदर किअ अर तेऊए आद-लुआदा संघै तिहअ बभार किअ ज़ेतो सह हकदार आसा त? 17 तैहा गल्ला करा आद कि मेरअ बाब तम्हां पिछ़ू किहअ लल़अ। मिद्यानी का तम्हां बच़ाऊंदी बारी सका तह आप्पू बी मरी पर तेऊ निं तेते बी परबाह किई! 18 पर आझ़ हुऐ तम्हैं मेरै बाबे खिंबे बरोधी! तम्हैं पाऐ तेऊए सत्तर शोहरू एकी पात्थरा प्रैंदै सिधअ एतरी गल्ला पिछ़ू मारी कि मेरै बाब गिदोने डाही दी बेटल़ीओ शोहरू अबीमोलक आसा थारअ सक्कअ भाणज़ू अर तम्हैं बणाअं सह शकेम नगरीओ राज़अ!
19 "ऐबै ज़ै आझ़ तम्हैं गिदोन अर तेऊए खिंबा संघै मानदारी अर शुचै दिलै अह काम किअ, तै रहा तम्हैं अबीमोलका करै खुश अर तेऊ बी लोल़ी तम्हां करै खुशी हुई। 20 पर ज़ै इहअ नांईं आथी, तै लोल़ी अबीमोलकै तम्हैं आगी करै दहई खतम किऐ अर शकेम अर बेतमिल्लाश नगरीए सैणैं लोल़ी अबीमोलक आगी करै दहई खतम किअ।"
21 तेखअ ठुर्हअ जताम आपणैं भाई अबीमोलके डरै तिधा का दूर बेर नगरी लै संघा रहअ तिधी।
22 अबीमोलकै किअ इज़राईली प्रैंदै चिई साला तैणीं राज़। 23 तेखअ किअ परमेशरै इहअ कि शकेम नगरीए सैणैं अर अबीमोलके निस्सी आप्पू मांझ़ै बणी अर शकेम नगरीए सैणैं हुऐ अबीमोलके बरोधी। 24 इहअ हुअ तै कि गिदोने सत्तर शोहरूए हत्या करने सज़ा अबीमोलका भुगते अर शकेम नगरी बी तेऊ ज़ुल्मे सज़ा भुगते किल्हैकि तिन्नैं किई ती तेऊ घोर पाप करना लै अबीमोलके मज़त। 25 शकेम नगरीए लोगै डाहै आपणैं आदमी उझै धारा ज़ुंण अबीमोलका तंग करना लै ताखुई रहा तै अर तिंयां करा तै तिन्नां बाता एछदै-नांहंदै सोभी लोगा लुटी। एते बारै हेरअ अबीमोलका का कुंणी खोज़ी।
26 एकी बारी हुअ इहअ कि एबेदो शोहरू गाल आअ आपणैं होरी भाई संघै शकेम नगरी अर शकेम नगरीए सैणैं लागै तेऊ दी भरोस्सै डाहंदै। 27 ज़ांऊं दाखा काढणें रीत आई, शकेम नगरीए लोग लागै आपणीं-आपणीं बागा दी दाखा चोल़दै। कोल्हू दी दाखो रस काढी मनाऊंअ तिन्नैं हर साला ज़िहअ थैर। संघा डेऊऐ रबाज़े साबै आपणैं बाल-जरूब देअए देहुरै अर बडी धाम खाई-पिई लागै तिंयां अबीमोलका लै गाल़ी दैंदै।
28 एबेदे शोहरू गालै बोलअ तिन्नां लै इहअ, "हाम्हैं शकेम नगरीए मणछ आसा किहै? हाम्हैं किज़ू आसा अबीमोलके च़ाकरी करदै लागै दै? सह कुंण हआ हाम्हां प्रैंदै राज़ करनै आल़अ? सह आसा गिदोनो शोहरू! अर ज़बूल आसा तेऊओ सैनापति, पर हाम्हां इने गलामी करने कै ज़रुरत आसा? शकेम नगरीओ मूल़ आसा हमोर अर हाम्हां प्रैंदै राज़अ शोभा सह ज़ुंण हमोर टोली का होए! 29 ज़ै शकेम नगरी दी मेरअ राज़ हंदअ! मुंह काढणअ त अबीमोलक इधा का दरल़ाऊई! मुंह बोल़णअ त तेऊ लै एकी बैणै इहअ, ‘तूह आण आपणीं दुगणीं सैना तज़ी बी निं हाम्हैं ताखा हारदै।’"
30 ज़ांऊं सैनापति ज़बूलै ईंयां गल्ला शूणीं कि एबेदो शोहरू गाल बोला इहअ-इहअ, सह हुअ रोश्शै लाल-पिंऊंल़अ। 31 तेऊ छ़ाडै च़ुप्प-च़ुप्पै अबीमोलका सेटा समाद पजैल़ै दूत अरूमा नगरी लै इहअ बोली, "एबेदो शोहरू गाल अर तेऊए होर भाई आसा शकेम नगरी आऐ दै, तिन्नैं आसा इधी तेरै बारै लोगा शगरेऊंदै लागै दै ताकि ताह काढी शकेम नगरी दी गाल राज़ करे। 32 तूह करै इहअ कि तूह निखल़ आपणैं आदमी संघी राचो-राच सऊंऐं मुल्खा बाखा लै संघा रह तिधी ताखुई। 33 दोत्ती धुप्पै निखल़दी उझ़िऐ तूह, संघा दैऐ नच़ानक नगरी फेरा-फेर गोट। तेखअ ज़ांऊं गाल अर तेऊए आदमी तेरै मकाबलै करना लै एछे, तेभै तेरै ज़ाणैं ज़िहअ हई सका तिन्नां का ज़ितै तूह तेऊ साबै।"
34 अबीमोलक अर तेऊए सारै आदमी निखल़ै राचो-राच च़ार छ़ुंढ बणाईं संघा रहै शकेम नगरी नेल़ जुध छ़ेल़णै ताका लुक्की। 35 ज़ांऊं अबीमोलक अर तेऊए आदमी दुजै धैल़ै दोत्ती एबेदो शोहरू गाल नगरीए प्रऊल़ी खल़अ भाल़अ, तिंयां होथै तिधा का उंधै ज़िधी तिंयां लुक्की तै रहै दै। 36 गालै हेरै तिंयां भाल़ी अर तेऊ बोलअ ज़बूला लै इहअ, "भाल़! धारे च़ुंडी बाखा आसा मणछ उंधै होथदै लागै दै!" ज़बूलै बोलअ, "ईंयां आसा धारे छ़ैल्ली लागी दी शुझदी!" 37 गालै बोलअ भिई इहअ, "उझै दै भाल़णीं भाल़ै! उपर धारा का आसा नाल़टी बाती लोग उंधै होथदै लागै दै अर एक छ़ुंढ आसा मनोनीम नाओंए बडै महरूए बूटे बाता एथ बाखा लै एछदअ लागअ द!"
38 ज़बूलै बोलअ गाला लै इहअ, "ऐबै केस्सी पेठी तेरी तिंयां शरेरी गल्ला! ज़ुंण तूह इहअ बोला त कि अबीमोलक कुंण आसा? हाम्हां किल्है लागा अबीमोलके गलामी करनी! ईंयां आसा तिंयां ई लोग ज़हा तूह बृथा समझ़ा त। ऐबै डेऊ संघा कर इनो मकाबलअ।"
39 गालै निंयैं शकेम नगरीए मर्ध आप्पू संघै नगरी बागै संघा किअ अबीमोलका संघै मकाबलअ। 40 अबीमोलकै खद्रेल़ै तिंयां इहै कि गाल अर तेऊए आदमी ठुर्है तिधा का पिछ़ू अर नगरीए प्रऊल़ी तैणीं पुजदी पाऐ तिन्नां मांझ़ै कई मारी अर तेऊए कई आदमी हुऐ खास्सै ज़खमी। 41 अबीमोलक डेऊअ अरूमा नगरी लै बापस, अर ज़बूलै काढै गाल अर तेऊए भाई-बंधा संघी सोभ आदमी शकेम नगरी का बागै ताकि तिंयां तिधी निं बस्से।
42 दुजै धैल़ै दोत्ती निखल़ै शकेम नगरीए लोग नगरी बागै आपणैं खेचै कामां-काज़ा अर एते बारै हेरअ अबीमोलका का कुंणी खोज़ी। 43 अबीमोलकै बणाऐं आपणैं आदमीए चअन छ़ुंढ, संघा रहै तिंयां खेचै लुक्की करै ताखुई अर ज़ांऊं तिन्नैं भाल़अ कि लोग निखल़ै नगरी का बागा लै, तिंयां पल़ै नभैऊशै तिन्नां लै चुटी। 44 अबीमोलक अर तेऊ संघै आदमीओ छ़ुंढ ठुर्है नगरीए प्रऊल़ी बाखा लै अर बाकी दूई छ़ुंढ पल़ै बागै खेचै चुटी अर ज़ुंण तेथ लोग थिऐ तिंयां पाऐ तिन्नैं सोभ मारी। 45 अबीमोलकै किअ शकेम नगरी सारी धैल़ी जुध संघा किअ सारी नगरी कबज़अ अर नगरीए लोग पाऐ तेऊ मारी अर सारी नगरी ढोल़ी करै डाहअ तेथ सारै दी लूंण छिंगी।
46 शकेम नगरीए कोटा दी ज़ुंण सैणैं थिऐ, ज़ांऊं तिन्नां का इना गल्लो थोघ लागअ, तिंयां ठुर्है एल-बरीत देअए देहुरे खुडी लै। 47 अबीमोलका का हेरअ कुंणी खोज़ी कि तिंयां सोभै आसा तिधी कठा हुऐ दै। 48 सह डेऊअ आपणैं साथी संघै उझै सलमोन धारा लै। हाथै निंयं तेऊ एक खराल़अ तेखअ काटी बूटा का एक शाहण संघा च़की सह आपणीं कान्हा। तेऊ बोलअ आप्पू संघै तिन्नां सोभी लै, "ज़िहअ मंऐं किअ तम्हैं बी करा झ़टपटै तिहअ ई।" 49 तेखअ काटी सोभी एक-एक शाहणी, संघा डेऊऐ अबीमोलका पिछ़ू शकेम नगरी गहल़ा लै, तिन्नैं पाई तिंयां शाहणी उछ़टै देहुरे खुडी प्रैंदै, संघा चैल़ी तेथ आग। शकेम नगरी कोटा दी पाऐ तिन्नैं मर्धा बेटल़ी संघी कोई एक हज़ार मणछ मारी।
50 शकेम नगरी बरैबाद करी डेऊअ अबीमोलक तेबेस नगरी बाखा लै। तेऊ बाहअ नगरी फेर घेरअ संघा किई सह नगरी आपणैं कबज़ै दी। 51 नगरी मांझ़ा-मांझ़ी त एक बडअ उछ़टअ कोट अर नगरीए मर्ध-बेटल़ी अर सोभ लोग ठुर्है नगरीए सैणैं संघी तेथ भितरा लै। कोटे प्रऊल़ बुदरी उखल़ै तिंयां उझै च़ाऊल़ी अर आटल़ू लै। 52 ज़ांऊं अबीमोलकै तेऊ कोटा सेटा जुध छ़ेल़अ, सह डेऊअ उछ़टै कोटे प्रऊल़ी तैणीं तेथ आगी चैल़दअ। 53 पर एकी बेटल़ी शोटअ उझै नाज़ा पिशणें थरेटो प्रैंधल़अ पाट तेऊए मुंडा लै अर तेता करै फूटअ तेऊओ मूंड। 54 अबीमोलकै पाई तेभी अस्त्र-शस्त्रा ढोणै आल़ै एकी खारकै मणछा लै हाक संघा बोलअ इहअ, "आपणीं तलबार काढ छ़ेक्कै संघा पा मुंह छ़ेक्कै मारी। हुंह निं च़ाहंदअ कि लोग इहअ बोले, ‘सह पाअ एकी बेटल़ी मारी।’" सह खारकअ मणछ आअ ठुर्ही संघा बाही तेऊ लै तलबारा करै गजराल़ अर सह मूंअ तिधी। 55 ज़ांऊं तेऊ संघै आऐ दै तिन्नैं होरी इज़राईली भाल़अ कि अबीमोलक गअ मरी, तेखअ डेऊऐ तिंयां सोभै आपणैं-आपणैं घअरा लै।
56 इहअ करै दैनी परमेशरै अबीमोलक अर लोगा लै तिन्नें घोर ज़ुल्म करने सज़ा ज़ुंण तेऊ आपणैं बाबा लै आपणैं सत्तर भाईए हत्या करी किअ त। 57 शकेम नगरीए लोगा बी पल़ी तिन्नें कदुष्ट कामां पिछ़ू सज़ा भुगतणी। ज़िहअ गिदोने शोहरू जतामै तिन्नां लै फिटक दैनअ त, तिंयां बिति तिन्नां लै सोभै गल्ला तेही ई।