26 फिर परमेस्वर कही, "आबौ हम इंसान कै अपने स्वरूप और समानता के हिसाब बनामैं; ताकि बे समुद्र की मच्छिन, और आसमान के पक्छिन, और पालतू जानवर, और बन जानवर, और पूरी पृथ्वी मैं सब नेंगनबारे जन्तुन मैं, उनके ऊपर अधिकार रखैं।"
Publicidade
Publicidade
26 फिर परमेस्वर कही, "आबौ हम इंसान कै अपने स्वरूप और समानता के हिसाब बनामैं; ताकि बे समुद्र की मच्छिन, और आसमान के पक्छिन, और पालतू जानवर, और बन जानवर, और पूरी पृथ्वी मैं सब नेंगनबारे जन्तुन मैं, उनके ऊपर अधिकार रखैं।"