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उत्पत्ति 19

सद

1 जब िवरगदसदनगर ैं आए, सदनगर ैं रहै। उनकखकउनसेंकरन ीं उठो। और खरबल नमसकर2 और कही, िौं, ैं मसिनतकरथौं। अपनघरपधऔर अपनईयो। और िो। ििि उठकअपनरसेंजइयो। िकहथैं, ", हम नगर ैं े।" 3 और उनकिनतकरकमन; तभई चलकघर ैं आए; और उनकीं यवसकरी, और खमबनएकउनकखब

4 उनकपहले, सदसहर आन ़े े, बलि ाँसब आएकघर लईं। 5 और आबकहन लगे, आज आए ैं कहाँ ैं? उनकहमरहर , ि हम उनसिनरई करैं। 6 उनकटक हर ौ, और टक ििअपनपचबनकरककही, 7 कही, ैं गन ौं, भईयौ, ऐसमत करिो। 8 ौ, ़िैं िनकअब तक आदमइनकों तक ै, मरइचैं उनैं मरआमौं, और मकअचलगउनकबरकरिो। िगन कछमत करिो, ि छत तरआए ैं।

9 कहीं हट ा, िकहन े, एक परदिंाँ रहन ीं आओ पर अब बन ै, तभई अब हम उनककरे, और धकटक ीं आए ै। 10 पर ों आदमबढ़ाएकअपनतर ींलईं, और टक कर दईं। 11 और ों आदमबड़े-सब आदमिघर ोंैं रहैं, धरबनदईऔर टक टपटरत-टपटरत थक ै।

सदिकरन

12 िूँी, "िंाँ और न-कैं - दमदा, ़ा, ़िऔर इन सब सहर िकर ा, 13 हम जघकरन ैं। िगन बड़ी रभपहुँै। रभहमकिकरन पनै।"

14 िकरकअपनदमदन ौ, िनक़ियन िरहै। उनसकही, "उठौ, और जघिकर चलौ; ि रभनगर करन ै।" पर दमदसमझि मजकर रहै।

15 जब लगवरगदजलकरन कहीं और ीं, "जलकर" अपनबईययर और ़ियन िंाँ ा, "तहूँ सहर अधरैं भसम ो।" 16 िकरी, िूँऔर बईययर, ़िपकडसहर हर कर दईि रभरति दयरहै। 17 और िऐसजब िकरत रहैं उनमैं एक कही, पचमत ़िऔर तरैं मत ठहरिो; बलि पहैं चलजइयसब भसम े। 18 कही, "रभऐसमत कर19 ऊपर अनरह ै, और ैं ैं बड़ी ि, ि बच; िैं पहैं सकथौं; कहीं ऐसै, ि िपति ऊपर आए पड़ै, और ैं मर ौं। 20 , ऊपर एक नगर ै। ीं ै। कसै। ुँजके। नगर ै? बच ी।" 21 कही, नगर ैं मरिनतकर, सहर चरैं कर रहै, ैं नहीं करो। 22 िंाँ जलिकर ा, ि जब ैं िकर ैं करो। और बजह सहर अर पड़ो।

सदऔर गम

23 अर करपहोंचत ैं रज िकर आओ24 रभरनसदऔर गमऊपर वरगनधक और आगबरस25 नगरन और ै, और सब रहन ै, और जमैं जमन ें़-नसकर दई26 बईययर पचरहपलट ी, और खमबन गई

27 अबहम उठकएक जघैं ौ, िरभमऩो रहै। 28 और सदऔर गमऔर तरसब ाँअपनउठएकि सहरन धधकत मटिकरकऊपर उठ रहै। 29 ऐसि जब परमवर नगरन नसकरी, अबहम करी, जब नगरन उलट-पलट दई, जहाँ रहत रहै, िबच

और ़ि

30 अर दई, और पहैं अपऩिसमरहन लगो; ि अर ैं रहन डररहै। और और ़िएक ैं रहन लगे। 31 बड़ी ़िअपनबहिकही, "आपन दऊवै, और ऐसआदमि िहमरआबऔर आपन सनसकै। 32 , और आपन अपनखरस िएकिबनैं, ि आपन अपनबचरखैं।" 33 बहसमय अपनखरस िं, और तभई बड़ी ़िअपनिीं गईिदऊव, ि कब बन, और उठकचलगई

34 और िऐसि सरिबड़ी ़िअपनबहिकही, ", ैं कल अपनदऊवरहौं; हम आज आपन खरस िैं; तभई एकिीं जइयि आपन अपनबढ़ासकैं।" 35 समय अपनदऊवखरस िं, और ़िएकिबन, िदऊवऔर उठन पतचलो। 36 ऐसिकरक़िअपनदऊवगरभवतभईं। 37 बड़ी ़िएक ़ा जनम दई और आब रखी; आब ि लपिौ। 38 और ़िएक ़ा जनम दई, और नमरखी; अमलपिआज तक ै।

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