28 परमेस्वर तोए स्वर्ग से ओस देबै और तेरे खेत कै खूब उपजाऊ बनाबै! बौ तोकै खूबै अन्न और अंगूर की फसल देबै! 29 जाति-जाति के लोग तेरे दास बनै, और देस-देस के लोग तेरे अग्गु झुकैं। तू अपने सब भईय्यन को स्वामी बनै, और तेरी अईय्या के वंस तेरे अग्गु झुकैं। जो तोकै स्राप देमैं बे स्रापित होमैं, और जो तोकै आसीर्वाद देथैं, बे आसीस पामैं।"
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