5 एक बार यूसुफ सपनो देखी, और जब बौ अपने भईय्यन कै जाके बारे मैं बताई, तौ बे बासे और भी जाधे नफरत करन लगे। 6 बौ फिर कहथै, "मैं जो सपनो देखा रहौं बाकै तुम सुनौ। 7 हम सब खेत मैं गेहूँ के पुरा बाँधत होथैं, तभई मेरो पूरा उठकै सीध ठाड़ गौ। और तुमरे चारौ घाँईं से एक घेरा बनो और बाके अग्गु झुक गौ।"
8 बाके भईय्या यूसुफ से कहीं, "का तैं हमरे ऊपर सासन करैगो? का तैं सई मैं हमरे ऊपर राज्य करैगो?" जौ बजह से बे यूसुफ के सपनो और बाकी बातन की बजह से बासे और जाधे नफरत करन लगे।
9 तौ यूसुफ एक और सपनो देखी, और अपने भईय्यन से कही, मैं आज एक और सपनो देखो हौं, सूरज, जोनी और ग्यारह तारा लोहोक्कै मोकै नमस्कार कर रै हैं।
10 जब बौ अपनो सपनो अपने दऊवा और भईय्यन कै जौ सपनो बताई। तौ बाको दऊवा बाकै झुकाई और बासे कही, "जो सपनो तैं देखो है, बाको मतलब का है? का सचमुच मैं और तेरी अईय्या और तेरे भईय्या तेरे झोने ठाड़ंगे और जमीन के घाँईं लोहोक्कै तोसे नमस्कार करंगे।" 11 यूसुफ के भईय्या बासे जलन करन लगे, लेकिन बाको दऊवा जे बातन कै याद रखी।