यूसुफ को फिरौन राजा के सपनो को मतलब बतानो
1 दुई साल बीतन के बाद मिस्र को राजा एक सपने मैं देखी, कि बौ नील नदिया के किनारे खड़ो है।
16 यूसुफ जबाब दई, "मैं ना जानथौं, महाराज! लेकिन परमेस्वर के झोने तेरे मुताबिक बाको जबाब है।"
33 और अब फिरौन एक समझदार और बुद्धिमान इंसान ढूंढकै बाकै मिस्र देस मैं अधिकारी चुनै।
40 मैं तोकै अपने देस को अधिकारी बनांगो, और मेरे सब लोग तेरी आग्या कै मानंगे। और खाली राजगद्दी के सिंहासन मैं तोसे बड़ो रहेंगो।
46 जब यूसुफ मिस्र के राजा फिरौन की सेवा करन लगो, तौ बौ तीस साल को रहै। फिर बौ राजा को दरबार छोड़कै पूरे देस मैं घूमन लगो।
51 यूसुफ कही, "परमेस्वर मेरे सब कस्ट और मेरे दऊवा के पूरे परिवार कै भुलबाए दई है" तभई बौ अपने पहले लौड़ा को नाओं मनस्से रखी। 52 बौ जौ कही, "परमेस्वर मोकै बिपत्ति की जमीन मैं फलवंत करी है" जौ बजह से बौ अपने दुसरे लौड़ा को नाओं एप्रेम रखी।