10 जब बे यरदन नदिया के अगार आताद के खलिहान मै पुगे, तौ बे भौत देर ले ऊँची आवाज मै विलाप करत रहे, और यूसुफ सात दिन ले सोक की बरसी मनाईं।
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10 जब बे यरदन नदिया के अगार आताद के खलिहान मै पुगे, तौ बे भौत देर ले ऊँची आवाज मै विलाप करत रहे, और यूसुफ सात दिन ले सोक की बरसी मनाईं।
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