20 नूह, जो एक किसान बनो, और खेती करनो सुरू करी और बौ दाख की बारी लगाई। 21 जब बौ जरासो दाखरस पी लई, तौ बाकै इतने मैं नसा चढ़ गई, और खुद के लत्ता उतारकै अपने तम्बू मैं बिना लत्ता लेट गौ। 22 जब कनान को दऊवा हाम देखी कि बाको दऊवा बिना लत्ता के है, तौ बौ दुआरे गौ और अपने दोनों भईय्यन कै बताई। 23 फिर सेम और येपेत एक लत्ता लईं, और बाके अपने कंधा मैं धरकै उल्टे पाँव नेंगकै तम्बू भीतर गै और अपने दऊवा के बिना लत्ता सरीर कै तोप दईं। बे अपनो मोहों पच्छू करे पड़े रहैं। ताकि बे बाके सरीर कै बिना लत्ता के न देख पामैं। 24 जब नूह की नसा उतरी और बाकै पता चलो कि बाको सबसे छोटो लौड़ा बाके संग का करी है, 25 नूह बाकै स्राप दई,
"कनान स्रापित होबै!
बौ अपने भईय्यन को दास होगो।