झूठ्ठे नबी
1 "जै तेरै बिचाळै कोए नबी या सपना देखण आळा प्रगट होकै तन्नै कोए निशान या चमत्कार दिखावै, 2 अर जिस निशान या चमत्कार नै सबूत ठहराकै वो तेरै तै कहवै, ‘आओ आपां पराए देवत्यां के अनुयायी हो कै, जिनतै थम इब ताहीं अनजाण रहे, उनकी उपासना करां,’ 3 फेर थम उस नबी या सपना देखणआळे कै वचन पै कदे भी ध्यान ना दियो; क्यूँके थारा परमेसवर यहोवा थारी परीक्षा लेवैगा, जिसतै न्यू जाण ले, के ये मेरै तै अपणे सारे मन अर सारे प्राण कै गेल्या प्यार करै सैं के न्ही? 4 थम अपणे परमेसवर यहोवा कै पाच्छै चालियो, अर उसका भय मानियो, अर उसके हुकमां पै चालियो, अर उसका वचन मानियो, अर उसकी सेवा करियो, अर उस्से तै लिपटे रहियो। 5 अर इसा नबी या सपना देखण आळा जो थारे ताहीं थारे परमेसवर यहोवा तै बोहड़ा कै, जिसनै थारै ताहीं मिस्र देश तै लिकाड़या अर गुलाम्मी कै घर तै छुड़ाया सै, तेरे उस्से परमेसवर यहोवा कै राह तै बहकाण की बात कहण आळा ठहरैगा, इस कारण वो मार दिया जावै। इस तरियां तै थम अपणे बिचाळै तै इसी बुराई नै दूर कर दियो।"