1 "इस करकै तू अपणे परमेसवर यहोवा तै घणा प्यार करिए, अर उसनै जो कुछ तेरै ताहीं सौप्या सै उसका, यानिके उसकी विधियाँ, नियमां, अर हुकमां का रोज पालन करिये। 2 अर थम आज या सोच समझ ल्यो (क्यूँके मै तो थारे बाळ-बच्चयां तै न्ही कहन्दा,) जिननै ना तो कुछ देख्या अर ना जाण्या सै के थारै परमेसवर यहोवा नै के-के ताड़ना करी, अर किसी महिमा, अर बलवन्त हाथ, अर बढाई होई बांह दिखाई, 3 अर मिस्र देश म्ह ओड़ै के राजा फिरौन ताहीं किसे-किसे निशान दिखाए, अर उसके सारे देश म्ह किसे-किसे चमत्कार के काम करे; 4 अर उसनै मिस्र देश की सेना के घोड्या अर रथां तै के करया, यानिके जिब वे थारा पिच्छा करण लागरे थे फेर उसनै उनतै लाल समुन्दर म्ह डुबोकै किस तरियां नाश कर दिया, के आज ताहीं उनका पता न्ही; 5 अर थारै इस जगहां म्ह जित्त परमेसवर ताहीं उसनै जंगळ-बियाबान म्ह थारै तै के-के करया; 6 अर उसनै रूबेनी एलीआब के बेट्टे दातान अर अबीराम तै के-के करया; यानिके धरती नै अपणा मुँह पसार कै उनके खानदान्ना, अर डेरयां, अर सारी प्राण आळी चिज्जां समेत सारे इस्राएलियाँ के देखदे-देखदे किस तरियां निगळ लिया; 7 पर यहोवा के ये सारे बड़े-बड़े काम्मां ताहीं थमनै अपणी आँखां तै देख्या सै।"
8 "इस कारण जितने हुकम मै आज थमनै सुणाऊँ सूं उन सारया नै मान्या करियो, ज्यांतै के थम ताकतवर होकै उस देश म्ह जिसकै हकदार होण कै खात्तर थम यरदन कै पार जाण लागरे सो दाखल करकै उसकै हकदार हो जाओ, 9 अर उस देश म्ह घणे दिन रहण पाओ, जिस ताहीं थमनै अर थारै वंश नै देण की कसम यहोवा नै थारै पूर्वजां तै खाई थी, अर उस म्ह दूध अर शहद की धारा बहवै सै। 10 देक्खो, जिस देश के हकदार होण नै थम जाण लागरे सो वो मिस्र देश की तरियां न्ही सै, जड़ै तै लिकड़कै आये सो, जड़ै थम बीज बोवै थे अर हरे साग के खेत की रीत कै मुताबिक अपणे पैर तै नाळी बणाकै सींचै थे; 11 पर जिस देश के हकदार होण नै थम यरदन नदी कै पार जाण पै सो वो पहाड़ां अर तराइयां का देश सै, अर अकास के मिह कै पाणी तै सींचै सै; 12 वो इसा देश सै जिसका तेरे परमेसवर यहोवा नै बेरा सै; अर साल कै शरुआत तै लेकै अन्त ताहीं तेरे परमेसवर यहोवा की निगांह उसपै लगातार लाग्गी रहवै सै।"
13 "जै थम मेरे हुकमां नै जो आज मै थमनै सुणाऊँ सूं मन तै सुणकै, अपणे पूरे मन अर सारे जी कै गेल्या, अपणे परमेसवर यहोवा तै प्यार राक्खो अर उसकी सेवा करदे रहो, 14 तो मै थारै देश म्ह बरसात के आदि अर अन्त दोन्नु बखतां के मिह नै अपणे-अपणे बखत पै बरसाऊँगा, जिसतै तू अपणा अन्न, नया दाखमधु, अर टटका तेल कठ्ठा कर सकैगा। 15 अर मै तेरे पशुआं कै खात्तर तेरे मदानां म्ह घास उगाऊँगा, अर तू पेट भर खावैगा अर सन्तुष्ट रहवैगा। 16 इस करकै अपणे बारै म्ह चौकन्ने रहो, इसा ना हो के थारै मन धोक्खा खावैं, अर थम बहक कै दुसरे देवत्यां की उपासना करण लाग्गो अर उन ताहीं दण्डवत करण लाग्गो, 17 अर यहोवा का प्रकोप थारै पै भड़कै, अर वो अकास का मिह बन्द करदे, अर धरती अपणी उपज ना दे, अर थम उस बढ़िया देश म्ह तै जो यहोवा थमनै देवै सै तावळ तै नाश हो जाओ। 18 इस करकै थम मेरे ये वचन अपणे-अपणे मन अर जी म्ह धारण करे रहियो, अर निशान के रूप म्ह अपणे हाथ्थां पै बाँधियो, अर वे थारी आँखां कै बीच टीक्के का काम देवैं। 19 अर थम घर म्ह बैठ्ठे, राह पै चाल्दे, लेटदे-उठदे इनका जिक्र करकै अपणे बाळकां नै सिखाया करियो। 20 अर इननै अपणे-अपणे घरां की चौखट के बाजुआं अर अपणे फाटकां कै उप्पर लिखियो; 21 ज्यांतै के जिस देश कै बारै म्ह यहोवा नै तेरे पूर्वजां तै कसम खाकै कह्या था, के मै उस ताहीं थमनै दियुँगा, उस म्ह थम अर थारै बाळक लाम्बी उम्र के हों, अर जिब ताहीं धरती कै उप्पर का अकास बण्या रहवै जद तक वे भी बणे रहवैं। 22 इस करकै जै थम इन सारे हुकमां कै मानण म्ह जो मै थमनै सुणाऊँ सूं पूरी चौकसी करकै अपणे परमेसवर यहोवा तै प्यार राक्खो, अर उसके सारे रास्तयां पै चाल्लों, अर उसतै लिपटे रहो, 23 तो यहोवा उन सारी जात्तां ताहीं थारै आग्गै तै लिकाड़ देवैगा, अर थम अपणे तै बड़ी अर सामर्थी जात्तां के हकदार हो जाओगे। 24 जिस-जिस जगहां पै थारै पैरां कै तळवे पड़ै वे सारे थारे ए हो जावैंगे, यानिके जंगळ-बियाबान तै लबानोन ताहीं, अर फरात नाम के महानद तै लेकै पश्चिम कै समुन्दर ताहीं थारी हद होवैगी। 25 थारै स्याम्ही कोए भी खड्या न्ही रह सकैगा; क्यूँके जितनी धरती पै थारै पैर पड़ैगें उन सब पै रहण आळयां कै मन म्ह थारा परमेसवर यहोवा अपणे वचन कै मुताबिक थारै कारण उन म्ह डर अर थरथराहट पैदा कर देवैगा।"
26 "सुणो, मै आज कै दिन थारै आग्गै आशीष अर श्राप दोन्नु धर दियुँ सूं। 27 यानिके जै थम अपणे परमेसवर यहोवा के इन हुकमां नै जो मै आज थमनै सुणाऊँ सूं मान्नो, तो थारै पै आशीष होवैगी, 28 अर जै थम अपणे परमेसवर यहोवा के हुकमां नै न्ही मान्नोगे, अर जिस राह का हुकम मै आज सुणाऊँ सूं उस ताहीं छोड़कै दुसरे देवत्यां कै पाच्छै हो ल्योगे जिननै थम कोनी जाणदे, तो थारै पै श्राप पड़ैगा। 29 अर जिब तेरा परमेसवर यहोवा थमनै उस देश म्ह भेज्जै जिसकै हकदार होण नै थम जाण पै सो, फेर आशीष गिरिज्जीम पर्वत पै तै अर श्राप एबाल पहाड़ पै तै सुणाईयो। 30 के वे यरदन नदी कै पार, सूरज कै छिपण की और, अराबा कै रहणीया कनानियाँ कै देश म्ह, गिलगाल कै स्याम्ही, मोरे कै बांज दरखत्तां कै धोरै न्ही सै? 31 थम तो यरदन नदी पार करकै जाण पै हो, के जो देश थारा परमेसवर यहोवा थमनै देवै सै उसके हकदार हो जाओ; अर थम उसके हकदार होकै उस म्ह निवास करोगे; 32 ज्यांतै जितनी विधियाँ अर नियम मै आज थारै ताहीं सुणाऊँ सूं उन सारया कै मानण म्ह चौकसी करियो।"