1 "इब, हे इस्राएल, जो-जो विधि अर नियम मै तन्नै सिखाणा चाऊँ सूं उसनै ध्यान तै सुण ल्यो, अर उनपै चाल्लों; जिसतै थम जिन्दा रहो, अर जो देश थारे पितरां का परमेसवर यहोवा थारै तै देवै सै उस म्ह जाकै उसके हकदार हो जाओ। 2 जो हुकम मै थारै ताहीं सुणाऊँ सूं उस म्ह तै ना तो कुछ बढ़ाईयो, अर ना कुछ घटाईयो; थारे परमेसवर यहोवा के जो-जो हुकम मै थमनै सुणाऊँ सूं उननै थम मानियो 3 थमनै तो अपणी आँखां तै देख्या सै के बालपोर देवता कै कारण यहोवा नै के-के करया; यानिके जितने माणस बालपोर देवता कै पाच्छै हो लिए थे उन सारया ताहीं थारे परमेसवर यहोवा नै थारै बिचाळै तै सत्यानाश कर दिया; 4 पर थम जो अपणे परमेसवर यहोवा कै गेल्या लिपटे रहे सो सारे के सारे आज तक जिन्दा सो। 5 सुणो, मन्नै तो अपणे परमेसवर यहोवा के हुकम कै मुताबिक थारै ताहीं विधि अर नियम सिखाए सैं, के जिस देश के हकदार होण जाओ सो उस म्ह थम उनकै मुताबिक चाल्लों। 6 इस करकै थम उन ताहीं धारण करियो अर मानियो; क्यूँके और देशां के माणसां कै स्याम्ही थारी बुद्धि अर समझ इस्से तै जाहिर होवैगी, यानिके वे इन विधियाँ नै सुणकै कहवैगें, के जरुर या बड्डी जात अकलमंद अर समझदार सै। 7 देक्खो, कौण इसी बड्डी जात सै जिसका देवता उसकै इसा धोरै रहन्दा हो जिसा म्हारा परमेसवर यहोवा, जिब भी हम उस ताहीं बोल्लां सां? 8 फेर कौण इसी बड्डी जात सै जिसकै धोरै इसी धर्ममय विधि अर नियम हों, जिसे के ये सारे नियम-कायदे जिस ताहीं मै आज थारै स्याम्ही धरुँ सूं?"
9 "यो घणा जरूरी सै के थम अपणे बारै म्ह सचेत रहो, अर अपणे मन की घणी चौकसी करो, कदे इसा ना हो के जो-जो बात थमनै अपणी आँखां तै देक्खी उन ताहीं भूल जाओ, अर वो जिन्दगी भरकै खात्तर थारै मन तै जान्दी रहवै; पर थम उन ताहीं अपणे बेट्टयाँ पोत्यां ताहीं सिखाईयो। 10 खास करकै उस दिन की बात जिस म्ह थम होरेब कै धोरै अपणे परमेसवर यहोवा कै स्याम्ही खड़े थे, जिब यहोवा नै मेरै तै कह्या था, ‘उन माणसां नै मेरै धोरै कठ्ठे कर के मै उननै अपणे वचन सुणाऊँ, जिसतै वे सिखैं, ताके जितने दिन वे धरती पै जिन्दा रहवैं उतने दिन मेरा भय मान्दे रहवैं, अर अपणे माँ-बाप या बाळ-बच्चयां नै भी याए सिखावै।’ 11 फेर थम धोरै जाकै उस पर्वत कै तळै खड़े होए, अर वो पहाड़ आग तै धधक रह्या था, अर उसकी लौ अकास ताहीं पोहचै थी, अर उसकै चौगरदे नै अन्धेरा अर बादल, अर घोर अन्धेरा छाया होया था। 12 फेर यहोवा नै उस आग कै बिचाळै तै थारै तै बात करी; बात्तां की आवाज तो थारै ताहीं सुणाई पड़ी, पर कोए रूप न्ही देख्या; सिर्फ शब्द ए शब्द सुणाई पड़या। 13 अर उसनै थारै ताहीं अपणे करार के दस वचन बताकै उनकै मानण का हुकम दिया; अर उन ताहीं पत्थर की दो पटियाँ पै लिख दिया। 14 अर मेरै ताहीं यहोवा नै उस्से बखत थारै ताहीं विधि अर नियम सिखाण का हुकम दिया, ज्यांतै के जिस देश के हकदार होण नै थम परली ओड़ पार जाण पै सो उस म्ह थम उन ताहीं मान्या करो।"
15 "इस करकै थम अपणे बारै म्ह घणे चौक्कस रहियो। क्यूँके जिब यहोवा नै थारै तै होरेब पर्वत पै आग कै बिचाळै तै बात करी, फेर थारै ताहीं कोए रूप न्ही दिखाई दिया, 16 कदे इसा ना हो के थम बिगड़ कै चाहे आदमी चाहे जनान्नी के, 17 चाहे धरती पै चाल्लण आळे किसे पशु, चाहे अकास म्ह उड़ण आळे किसे पंछी के,
18 चाहे धरती पै रेंगण आळे किसे जन्तु, चाहे धरती कै पाणी म्ह रहण आळी किसे मच्छी कै रूप की कोए मूर्ति खोदकै बण्या ल्यो, 19 या जिब थम अकास की ओड़ आँख ठाकै, सूरज, चाँद, अर तारयां ताहीं, यानिके अकास के सारे तारयां नै देक्खो, फेर बहक कै उननै दण्डवत करकै उनकी सेवा करण लाग्गो, जिन ताहीं थारै परमेसवर यहोवा नै धरती पै के सारे देश आळयां खात्तर राख्या सै। 20 अर थारै ताहीं यहोवा लोहे के भट्ठे कै जिसे मिस्र देश तै लिकाड़ ले आया सै, ज्यांतै के थम उसका प्रजारुप्पी खुद का हिस्सा ठहरो, जिसा आज प्रगट सै। 21 फेर थारै कारण यहोवा नै मेरै तै छो करकै या कसम खाई, ‘तू यरदन पार परली ओड़ जाण न्ही पावैगा, अर जो उत्तम देश इस्राएलियाँ का परमेसवर यहोवा उननै उनका खुद का हिस्सा करकै देवै सै, उस म्ह तू दाखल न्ही होण पावैगा।’ 22 बल्के मन्नै तो इस्से देश म्ह मरणा सै, मै तो यरदन नदी के परली ओड़ न्ही जा सकदा; पर थम परली ओड़ पार जाकै उस बढ़िया देश के हकदार हो जाओगे। 23 इस करकै अपणे बारै म्ह थम चौकन्ने रहो, कदे इसा ना हो के थम उस करार नै भूलकै, जो थारे परमेसवर यहोवा नै थारै तै करया सै, किसे और चीज की मूर्ति खोदकै बणाओ, जिस ताहीं थारे परमेसवर यहोवा नै थारै ताहीं मना करया सै। 24 क्यूँके थारा परमेसवर यहोवा भस्म करण आळी आग सै; वो जळण राक्खण आळा परमेसवर सै।"
25 "जै उस देश म्ह रहन्दे-रहन्दे घणे दिन बीत जाण पै, अर अपणे बेट्टे-पोत्ते पैदा होण पै, थम बिगड़ कै किसे चीज कै रूप की मूर्ति खोदकै बणाओ, अर इस तरियां तै अपणे परमेसवर यहोवा तै बुराई करकै उसनै नाराज कर द्यो, 26 तो मै आज अकास अर धरती नै थारै खिलाफ गवाही मानकै कहूँ सूं, के जिस देश के हकदार होण कै खात्तर थम यरदन नदी कै पार जाण पै सो उस म्ह थम तावळे बिल्कुल नाश हो जाओगे; अर घणे दिन न्ही रहण पाओगे, बल्के पूरी तरियां तै नाश हो जाओगे। 27 अर यहोवा थारै ताहीं देश-देश के माणसां म्ह तित्तर-भित्तर करैगा, अर जिन जात्तां कै बिचाळै यहोवा थारै ताहीं पोहचावैगा उन म्ह थम थोड़े-से ए रह जाओगे। 28 अर ओड़ै थम माणस के बणाए होए लाकड़ी अर पत्थर कै देवत्यां की सेवा करोगे, जो ना देखदे, अर ना सुणदे, अर ना खान्दे, अर ना सूंघै सैं। 29 पर ओड़ै भी जै थम अपणे परमेसवर यहोवा नै ढूँढ़ोगे, तो वो थारै ताहीं मिल ज्यागा, शर्त या सै के थम अपणे पूरे मन तै अर अपणे सारे प्राण तै उस ताहीं ढूँढ़ो। 30 अन्त के दिनां म्ह जिब थम संकट म्ह पड़ो, अर ये सारी बिप्दा थारै पै आण पड़ै, फेर थम अपणे परमेसवर यहोवा कान्ही फिरो अर उसकी मानियो; 31 क्यूँके थारा परमेसवर यहोवा दयालु परमेसवर सै, वो थारै ताहीं ना तो छोड्डैगा अर ना नाश करैगा, अर जो करार उसनै थारे पितरां तै कसम खाकै करया सै उस ताहीं कोनी भूल्लैगा।"
32 "जिब तै परमेसवर नै माणस ताहीं पैदा करकै धरती पै राख्या अर तब तै लेकै तू अपणे पैदा होण कै दिन ताहीं की बात पूछ, अर अकास कै एक छोर तै दुसरे छोर ताहीं की बात पूछ, के इसी बड्डी बात कदे होई या सुणनै म्ह आई सै? 33 के कोए जात कदे परमेसवर का बोल आग कै बिचाळै तै सुणकै जिन्दा रही, जिस तरियां की तन्नै सुणी सै? 34 फेर के परमेसवर नै और किसे जात ताहीं दुसरी जात कै बिचाळै तै लिकाड़ण ताहीं कमर बाँधकै परीक्षा, अर चिन्ह, अर चमत्कार, अर युद्ध, अर बलवन्त हाथ, अर बढाई होई बांह तै इसे बड्डे भयानक काम करे, जिस तरियां थारे परमेसवर यहोवा नै मिस्र देश म्ह थारै देखदे होए करे? 35 यो सारा तेरे ताहीं दिखाया गया, ज्यांतै के तू जाण ले के यहोवा ए परमेसवर सै; उस ताहीं छोड़ और कोए सै ए न्ही। 36 अकास म्ह तै उसनै तेरे ताहीं अपणी आवाज सुणाई के तन्नै शिक्षा दे; अर धरती पै उसनै तेरै ताहीं अपणी बड़ी आग दिखाई, अर उसकै वचन आग कै बिचाळै तै आन्दे होए तन्नै सुणाई पड़े। 37 अर उसनै जो तेरे पितरां तै प्यार राख्या, इस कारण उनकै बाद उनके वंश ताहीं छाँट लिया, अर प्रत्यक्ष होकै तेरै ताहीं अपणी बड़ी सामर्थ के जरिये मिस्र देश तै इस करकै लिकाड़ ल्याया, 38 के तेरै तै बड्डी अर सामर्थी जात्तां नै तेरै आग्गै तै लिकाड़कै तन्नै उनकै देश म्ह पोहचावै, अर उस ताहीं तेरा खुद का हिस्सा करदे, जिसा आज कै दिन दिखाई पड़ै सै; 39 इस करकै आज जाण ले, अर अपणे मन म्ह राख, के उप्पर अकास म्ह अर तळै धरती पै यहोवा ए परमेसवर सै; और कोए दूसरा कोनी। 40 अर तू उसकी विधियाँ अर हुकमां नै जो मै आज तन्नै सुणाऊँ सूं मानियो, ज्यांतै के तेरा अर तेरै पाच्छै तेरे वंश का भी भला हो, अर जो देश तेरा परमेसवर यहोवा तन्नै देवै सै उस म्ह तेरे दिन घणे बल्के सदा खात्तर हों।"
41 फेर मूसा नबी नै यरदन नदी कै परली ओड़ पूरब कान्ही तीन नगर न्यारे करे, 42 ज्यांतै के जो कोए बिना जाणे अर बिना पैहल्या तै बैर राक्खै अपणे किसे भाई नै मारदे, वो उन म्ह तै किसे नगर म्ह भाज ज्या, अर भाजकै जिन्दा रहवै 43 यानिके रूबेनियाँ का बेसेर नगर जो जंगळ-बियाबान कै समथर देश म्ह सै, अर गादियाँ के गिलाद का रामोत, अर मनश्शेइयां कै बाशान का गोलन।
44 फेर जो नियम-कायदे मूसा नै इस्राएलियाँ तै दिये वो ये सैं 45 येए वे चेतावनी अर नियम सै जिन ताहीं मूसा नै इस्राएलियाँ तै उस बखत कह सुणाई जिब वे मिस्र देश तै लिकड़े थे, 46 यानिके यरदन नदी कै परली ओड़ बेतपोर कै स्याम्ही की तराई म्ह, एमोरियां के राजा हेशबोनवासी सीहोन कै देश म्ह, जिस राजा ताहीं उननै मिस्र देश तै लिकड़ण कै बाद मारया। 47 अर उननै उसकै देश ताहीं, अर बाशान के राजा ओग कै देश ताहीं, अपणे वश म्ह कर लिया; यरदन नदी कै परली ओड़ सूर्योदय की ओड़ रहणीये एमोरियां के राजाओं के ये देश थे। 48 या देश अर्नोन के नाळे कै छोर आळे अरोएर तै लेकै सिय्योन पर्वत, जो हेर्मोन भी कुह्वावै सै, 49 उस पर्वत ताहीं का सारा देश, अर पिसगा की ढलाण कै तळै के अराबा के ताल तक, यरदन नदी कै पार पूरब कान्ही का सारा अराबा सै।