9 "फेर जितने पाणी के जन्तु सै उन म्ह तै थम इननै खा सको सो, यानिके जितन्या कै पंख अर छिलके होवै सैं। 10 पर जितने बिना पंख अर छिलके के होवै सै उननै थम ना खाईयों; क्यूँके वे थारै खात्तर अशुद्ध सै।"
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9 "फेर जितने पाणी के जन्तु सै उन म्ह तै थम इननै खा सको सो, यानिके जितन्या कै पंख अर छिलके होवै सैं। 10 पर जितने बिना पंख अर छिलके के होवै सै उननै थम ना खाईयों; क्यूँके वे थारै खात्तर अशुद्ध सै।"