मरे होए भाई कै प्रति जिम्मेदारी
5 "जिब कई भाई गैल रहंदे हों, अर उन म्ह तै एक बेऊलादा मर जावै, तो उसकी जनान्नी का ब्याह दुसरे गोत्र तै न्ही करया जावै; उसकै पति का भाई उसकै धोरै जाकै उस ताहीं अपणी घरआळी कर ले, अर उसतै पति कै भाई का धर्म पालन करै। 6 अर जै पैहल्ड़ा छोरा उस जनान्नी तै पैदा हो वो उस मरे होए भाई कै नाम का ठहरै, जिसतै के उसका नाम इस्राएल देश म्ह तै मिट न्ही जावै। 7 जै उस जनान्नी कै पति कै भाई नै उसतै ब्याह करणा न्ही भावै, तो वो जनान्नी नगर कै फाटक पै बुजुर्ग माणसां कै धोरै जाकै कहवै, ‘मेरे पति कै भाई नै अपणे भाई का नाम इस्राएल देश म्ह बणाए राक्खण तै मना कर दिया सै, अर मेरै तै पति के भाई का धर्म पालन न्ही करणा चाहन्दा।’ 8 फेर उस नगर के बुजुर्ग माणस उस आदमी ताहीं बुलवाकै उस ताहीं समझावै; अर जै वो अपणी बात पै अड़या रहवै, अर कहवै, ‘मन्नै इसतै ब्याह करणा न्ही भान्दा,’ 9 तो उसके भाई की घरआळी उन बुजुर्ग माणसां कै स्याम्ही उसकै धोरै जाकै उसके पायां तै जूत्ती तारै, अर उसकै मुँह पै थूकदे; अर कहवै, ‘जो आदमी अपणे भाई कै वंश नै चलाणा ना चाहवै उसतै इस्से ढाळ बरताव करया जावैगा।’ 10 फेर इस्राएल देश म्ह उस आदमी का यो नाम पड़ैगा, यानिके जूत्ती तारे होए आदमी का घराना।"