इस्राएलियाँ की वापसी का वचन
1 "फेर जिब आशीष अर श्राप की ये सारी बात जो मन्नै थारै तै कह सुणाई सै तेरै पै घटै, अर तू उन सारी जात्तां के बीच म्ह रहकै, जड़ै तेरा परमेसवर यहोवा तन्नै मजबूर करकै पोहचावैगा इन बात्तां नै याद करै, 2 अर अपणी सन्तान समेत अपणे सारे मन अर सारे प्राण तै अपणे परमेसवर यहोवा की ओड़ बोहड़कै उसकै धोरै बोहड़ आवै, अर इन सारे हुकमां कै मुताबिक जो मै आज तन्नै सुणाऊँ सूं उसकी बात मान्नै; 3 फेर तेरा परमेसवर यहोवा तन्नै बँधुआई तै बोहड़ा ले आवैगा, अर तेरै पै दया करकै उन सारे देशां के माणसां म्ह तै जिनकै बीच म्ह वो तन्नै तित्तर-भित्तर कर देवैगा फेर कठ्ठा करैगा। 4 चाहे धरती के सिरे ताहीं तेरा मजबूरण पोहचाया जाणा हो, फेर भी तेरा परमेसवर यहोवा तन्नै ओड़ै तै ले आकै कठ्ठा करैगा। 5 अर तेरा परमेसवर यहोवा तन्नै उस्से देश म्ह पोहचावैगा जिसके तेरे पुरखाँ हकदार होए थे, अर तू फेर उसका अधिकारी होवैगा; अर वो तेरी भलाई करैगा, अर तन्नै तेरै पुरखाँ तै भी गिणती म्ह घणा बढ़ावैगा।