अब्राम की बुलाहट
1 एक दिन यहोवा नै अब्राम तै कह्या, "अपणे देश, अर अपणी जन्म-भूमि, अर अपणे पिता कै घर नै छोड़कै उस देश म्ह चल्या जा जो मै तन्नै दिखाऊँगा।
4 यहोवा के इस वचन कै मुताबिक अब्राम चाल्या; अर लूत भी उसकै गेल्या चाल्या; अर जिब अब्राम हारान देश तै लिकड़या उस बखत वो पिचेहत्तर साल का था। 8 फेर ओड़ै तै आग्गै बढ़कै, वो उस पहाड़ पै आया, जो बेतेल के पूरब की ओड़ सै; अर अपणा तम्बू उस जगहां म्ह खड्या करया जिसकै पश्चिम ओड़ तो बेतेल, अर पूरब की ओड़ आई नगर सै; अर ओड़ै भी उसनै यहोवा कै खात्तर एक वेदी बणाई: अर यहोवा तै प्रार्थना करी।