Pular para o conteúdo
Publicidade

उत्पत्ति 43

ि्‍ि

1 कनअकऔर भयनक ोंगया। 2 ििआए े, खतम उनकिउनतकहा, "तर ़ी-ण-पआओ" 3 यहउसतकहा, "उस आदमवनकहा, आवै, थम ईयो।’ 4 इस करकै, हम तर ण-पआवें; 5 पर उसनै, हम ांे, ूँउस आदमकहा, ा, थम आईयो।’" 6 इसएल कहा, "थमनउस आदमीं बतएक और ै, ूँ बरतकरया?" 7 उननकहा, "िउस आदमअर िां इस तरिां छया, िइब ीं ै? और ै?’ हमनइन सवां िउसतउततर िा; हम े, कहवा, अपणउरआओ" 8 यहअपणिइसएल कहा, "उस जदे, हम चलां; इसतहम, अर ू, अर ळ-बच्‍मरण बचण ैंें, बलिरहवें। 9 उसकिजत िूँ ूं; उस ीं पस िे। उसनखडकर ँ, िदगभर तर कसरवठहरूँा। 10 हम करदे, इब ीं सरहडआने।"

11 उनकिइसएल उनतकहा, "्‍चए ै, करो; इस बढ़िा-बढ़ििां अपणरयां उस आदमतर ें: ितरिां ़ा-बलस, अर ़ा-शहद, अर शबर-दरव, अर गनधरस, िे, अर बद12 अपणगणरपि; अर रपिरयां ुँधरकिगये, उस ीं ; ो। 13 अपणि्‍िो, अर उस आदम, 14 सरवशकिपरमसवर उस आदमदयिांबणा, िसतसरअर ि्‍े: अर िऔलो।" 15 उननें, अर गणरपिा, अर ि्‍ीं िा, अर पड़े अर िहचकखड़े

ईयाँ घर हच

16 उनकि्‍खकअपणघर रबन्‍धक कहा, "उन णसां घर ोंहचो, अर पशटककरो; ूँैंे।" 17 रबन्‍धक कहण िउन णसां घर ा। 18 िघर गयआपपस डरककहण े, "रपिहलरयां िगये, उसरण हम ितर गयां; िसतआदमपड़ै, अर ीं बस करकअपणबणे, अर गधां े।" 19 घर अधिघर दरबइस तरिां कहण े, 20 "ी, िहम हलआये, 21 हमनसरहचकअपणरयां ीं ा, ा, एक-एक जणे-रपिउसकुँधरै; इस करकहम उस ीं अपणआयां। 22 अर और रपिण-पतर ां; हमनरपिरयां िसनधर िे।" 23 उसनकहा, "आचछयै, डरो: परमसवर, िपरमसवर ै, उसीं रयां धन िा, रपिीं िलगे।" उसनिीं हर िउनककर िा। 24 उस णस उन ईयाँ ीं घर िा, उननअपणाँ ; अर उसनउनकगधां तर िा। 25 णकै, आज हम उरांे, उननआणकबखत तक, ितक, उस ेंीं कठकरा। 26 िघरां आया, उस ेंै, उनकां ी, उसकघर े, अर धरतपडउस ीं दण्‍डवत करया। 27 उसनउनकल-चझयअर कहा, "ि़ा ै, िसकथमनिकरया, सही-सलमत ै? इब ीं िै?" 28 उननकहा, "ाँ िसही-सलमत ै, अर इब ीं िै।" उननिदण्‍डवत करया। 29 उसनिांअर अपणसगि्‍ीं खकछया, ", िसकिथमनकरया, ै?" कहा, "े, परमसवर अनरह करै।" 30 अपणमन भर आणकरण, अर चकिँ, िअपणठड़ी गया, अर ओड़ै पडा। 31 उसकअपणुँा, अर अपणे-आप ीं करककहा, "परो।" 32 करां43:32 नौकरां खाणा बरताण आळे तर अलग, अर उसकईयाँ तर अलग, अर ि43:32 मिस्री लोग मिस्री मेहमान उसककरे, उनकतर अलग, परा; ांिणस इबणसां करे, बलिइसकरणसमझे। 33 िउसकी, अपणउमिहलबड़े-बड़े े-ै, अपणी-अपणउमि, कतिगए; अचमिएक सरओडखण े। 34 अपणण-पा-उनकजण ा, अर ि्‍अपणईयाँ ाँचगण-पिी। अर उनना-िा।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também