लूत अर उसकी दोन्नु बेट्टी
30 लूत नै सोअर नगर छोड़ दिया, अर पहाड़ पै अपणी दोन्नु बेटियाँ समेत रहण लाग्या; क्यूँके वो सोअर नगर म्ह रहण तै डरै था; ज्यांतै वो अर उसकी दोन्नु बेट्टी ओड़ै एक गुफा म्ह रहण लाग्गे। 31 फेर बड़ी बेट्टी नै छोट्टी तै कह्या, "म्हारा पिता तो बुढ़ा सै, अर पूरी धरती पै कोए इसा माणस कोनी जो दुनिया की रीत कै मुताबिक हम उनकै जरिये औलाद पा सकां। 32 इस करकै आ, हम अपणे पिता नै दाखमधु पियाकै, उसकै गेल्या सोवां, जिसतै के हम अपणे पिता की पीढ़ी नै बचाए राक्खां।" 33 आखर म्ह उननै अपणे पिता ताहीं दिन-रात दाखमधु प्याई, फेर बड़ी बेट्टी जाकै अपणे पिता कै धोरै लेटगी; पर उसनै न्ही जाण्या, के वा कद लेट्टी, अर कद उठी। 34 अर इसा होया के दुसरे दिन बड़ी नै छोट्टी तै कह्या, "देख, काल रात नै मै अपणे पिता कै गेल्या सोई; इस करकै आज रात नै भी हम उसनै दाखमधु प्यावांगें; फेर तू जाकै उसकै धोरै सोईए ताके हम अपणे पिता कै जरिये पीढ़ी पैदा करां।" 35 इस करकै उननै उस दिन भी रात कै बखत अपणे पिता ताहीं दाखमधु प्याई, अर छोट्टी बेट्टी जाकै उसकै धोरै लेटगी; पर उसनै उसके भी सोण अर उठण का कोनी बेरा लाग्या। 36 इस तरियां तै लूत की दोन्नु बेट्टी अपणे पिता के जरिये गर्भवती होई। 37 बड़ी कै एक छोरा होया अर उसका नाम मोआब धरया; वो मोआब नाम की जात का जो आज ताहीं सै मूलपिता होया। 38 अर छोट्टी कै भी एक छोरा होया, अर उसका नाम बेनअम्मी19:38 बेनअम्मी रिश्तेदार का बेट्टा धरया; वो अम्मोनवंशियाँ का, जो आज ताहीं सै मूलपिता होया।