याकूब के जरिये आशीर्वाद चुराण की योजना
6 इस करकै रिबका नै अपणे बेट्टे याकूब तै कह्या, "सुण, मन्नै तेरे बाप ताहीं तेरे भाई एसाव तै न्यू कहन्दे सुण्या सै, 13 उसकी माँ नै उसतै कह्या, "हे मेरे, बेट्टे, श्राप तेरे पै न्ही मेरै पै पड़ै, तू सिर्फ मेरी बात सुण, अर जाकै जिसा मन्नै बोल्या सै उसाए कर अर वे बच्चे मेरै धोरै ले आ।" 15 फेर रिबका नै अपणे जेठ्ठे बेट्टे एसाव के सुन्दर कपड़े, जो उसकै धोरै घर म्ह थे, लेकै अपणे छोट्टे बेट्टे याकूब तै पिराह दिए। 16 फेर बकरी के बच्यां की खाल ताहीं उसकै हाथ्थां म्ह अर उसकै चिकणे गळ म्ह लपेट दी।
27 फेर उसनै धोरै जाकै उस ताहीं चुम्या। अर उसनै उसकै कपड़ेयां की सुगन्ध पाकै उस ताहीं वो आशीर्वाद दिया,
"देख, मेरे बट्टे की सुगन्ध जो
इसे खेत की तरियां सै जिसपै यहोवा
नै आशीष दी हो;
याकूब का एसाव के डर तै भाजणा
41 एसाव नै तो याकूब तै अपणे पिता के दिए होए आशीर्वाद कै कारण बैर राख्या; अर उसनै सोच्या, "के मेरे पिता का आखरी बखत लोवै सै, फेर मै अपणे भाई याकूब नै मारूँगा।" 43 इस करकै इब, हे मेरे बेट्टे, मेरी सुण, अर हारान नगर म्ह मेरे भाई लाबान कै धोरै भाज ज्या; 45 फेर जिब तेरे भाई का छो तेरे पै तै उतर ज्या, अर जो काम तन्नै उसकै गैल करया सै उस ताहीं वो भूल ज्या; तो मै तन्नै ओड़ै तै बुलवा लेऊँगी। इसा ना हो के एके दिन म्ह मन्नै थम दोन्नु खोणे पड़ै?"