याकूब के जरिये आशीर्वाद चुराण की योजना
6 इस करकै रिबका नै अपणे बेट्टे याकूब तै कह्या, "सुण, मन्नै तेरे बाप ताहीं तेरे भाई एसाव तै न्यू कहन्दे सुण्या सै, 8 इस करकै इब, हे मेरे बेट्टे, मेरी सुण, अर जिसा मै कहूँ सूं उसाए कर, 9 इब तू बकरियाँ कै धोरै जाकै बकरियाँ के दो आच्छे-आच्छे बच्चे ले आ; अर मै तेरे पिता कै खात्तर उसका मन पसन्द माँस का स्वादिष्ट खाणा बणाऊँगी। 10 फेर तू उस खाणे नै अपणे पिता कै धोरै ले जाईये, ताके वो उसनै खाकै मरण तै पैहल्या तेरे तै आशीर्वाद दे सकै।" 15 फेर रिबका नै अपणे जेठ्ठे बेट्टे एसाव के सुन्दर कपड़े, जो उसकै धोरै घर म्ह थे, लेकै अपणे छोट्टे बेट्टे याकूब तै पिराह दिए। 16 फेर बकरी के बच्यां की खाल ताहीं उसकै हाथ्थां म्ह अर उसकै चिकणे गळ म्ह लपेट दी।
19 याकूब नै अपणे पिता तै कह्या, "मै तेरा जेठ्ठा बेट्टा एसाव सूं। मन्नै तेरे हुकम के मुताबिक करया सै; ज्यांतै उठ अर बैठकै मेरे शिकार के माँस म्ह तै जी भरकै खा, ताके तू मन्नै दिल तै आशीर्वाद दे सकै।" 24 अर उसनै पूच्छया, "के तू साच्चए मेरा बेट्टा एसाव सै?" उसनै जवाब दिया, "हाँ मै ए सूं।"
35 फेर उसनै कह्या, "तेरा भाई छळ तै आया, अर तेरी जगहां आशीर्वाद लेकै चल्या गया।"
याकूब का एसाव के डर तै भाजणा
41 एसाव नै तो याकूब तै अपणे पिता के दिए होए आशीर्वाद कै कारण बैर राख्या; अर उसनै सोच्या, "के मेरे पिता का आखरी बखत लोवै सै, फेर मै अपणे भाई याकूब नै मारूँगा।" 43 इस करकै इब, हे मेरे बेट्टे, मेरी सुण, अर हारान नगर म्ह मेरे भाई लाबान कै धोरै भाज ज्या;