16 फेर जनान्नी तै उसनै कह्या, "मै तेरी पीड़ा अर गर्भवती होण के दुख नै और घणा बढ़ाऊँगा अर तू दुख म्ह बाळक नै जन्म देवैगी; अर तेरी लालसा तेरे पति की ओड़ होवैगी, अर वो तेरे पै राज करैगा।"
17 अर आदम तै उसनै कह्या, "तन्नै जो अपणी घरआळी की बात सुणकै, जिस पेड़ के फळ कै बाबत मन्नै तेरे ताहीं ना खाण का हुकम दिया था, तन्नै खाया सै, ज्यांतै धरती तेरे कारण श्रापित सै। इस करकै तू उसकी पैदावार जिन्दगी भर दुख कै गैल खाया करैगा; 18 अर वो तेरै खात्तर काण्डे अर ऊँटकटारे उगावैगी, अर तू खेत की उपज खावैगा; 19 अर अपणे माथे के पसीन्ने की रोट्टी खाया करैगा, अर अन्त म्ह माट्टी म्ह मिल जावैगा; क्यूँके तू उस्से म्ह तै बण्या सै, तू माट्टी ए तो सै अर माट्टी म्ह ए दुबारै मिल जावैगा।"