परमेसवर के जरिये न्याय का फैसला
5 यहोवा नै देख्या के माणसां की बुराई धरती पै बढ़गी सै, अर उनकै मन म्ह जो कुछ विचार पैदा होवै सै वो हमेशा बुरा ए होवै सै।
परमेसवर के अनुग्रह की निगांह म्ह नूह
8 पर यहोवा के अनुग्रह की निगांह नूह पै बणी रही।
13 इस कारण परमेसवर नै नूह तै कह्या, "सारे प्राणियाँ नै नाश करण का कारण मेरै स्याम्ही आ ग्या सै; क्यूँके उनकै कारण धरती उपद्रव तै भरगी सै, ज्यांतै मै उननै धरती समेत नाश कर दियुँगा। 14 इस करकै तू गोपेर दरखत की लाकड़ी का एक जहाज बणा ले, उस म्ह कोठड़ी बणाईये, अर बाहर भित्तर उसपै राळ लगाईये। 15 उसनै तू इस ढंग तै बणाईये जहाज की लम्बाई तीन सौ हाथ, चौड़ाई पचास हाथ, अर ऊँचाई तीस हाथ की हो। 16 जहाज म्ह एक खिड़की बणाईये, अर उसकै एक हाथ उप्पर तै उसकी छात बणाईये, अर जहाज की एक ओड़ एक दरबाजा राखिये, अर जहाज म्ह पैहला, दूसरा, अर तीसरा हिस्सा बणाईये।