परमेसवर के जरिये न्याय का फैसला
5 यहोवा नै देख्या के माणसां की बुराई धरती पै बढ़गी सै, अर उनकै मन म्ह जो कुछ विचार पैदा होवै सै वो हमेशा बुरा ए होवै सै। 6 अर यहोवा धरती पै माणस नै बणाकै पछताया, अर वो मन म्ह घणा दुखी होया। 7 तो यहोवा नै कह्या, "मै माणस नै जिस ताहीं मन्नै बणाया सै अर धरती कै उप्पर तै पशु, रेंगण आळे जन्तु, अर अकास के सारे पंछियाँ नै, सब नै मिटा दियुँगा, क्यूँके मै उननै बणाकै पछताऊँ सूं।"
परमेसवर के अनुग्रह की निगांह म्ह नूह
8 पर यहोवा के अनुग्रह की निगांह नूह पै बणी रही। 9 नूह की पीढ़ी इस तरियां सै। नूह धर्मी अर अपणे बखत के माणसां म्ह खरा था; अर नूह परमेसवर ए कै गैल-गैल चालदा रह्या।