जहाज म्ह दाखिल होणा
1 फेर यहोवा नै नूह तै कह्या, "तू अपणे सारे परिवार सुधा जहाज म्ह जा; क्यूँके मन्नै इस युग के माणसां म्ह तै सिर्फ तू ए मेरी निगांह म्ह धर्मी दिख्या सै।
6 जिब जल-प्रलय धरती पै आया, तो नूह छः सौ साल का था। 7 नूह अपणे बाळकां, घरआळी अर बहुआं समेत, बाढ़ तै बचण खात्तर जहाज म्ह दाखिल होया।
जल-प्रलय
11 जिब नूह की उम्र के छः सौवें साल कै दुसरे महिन्ने के सत्रहवाँ दिन आया, उस्से दिन बड़े गहरे समुन्दर के सारे चोवें फूट लिकड़े अर अकास के झरोखे खुलगे। 13 ठीक उस्से दिन जिब मिह बरसण लाग्या तो नूह अपणे बेट्टे शेम, हाम, अर येपेत, अर अपणी घरआळी, अर तीन्नु बहुआं समेत, 16 अर जो गए, वो परमेसवर के हुकम कै मुताबिक सारी जात्ति के प्राणियाँ म्ह तै नर अर मादा गए। फेर यहोवा नै जहाज का दरबाजा बन्द कर दिया।
17 चाळीस दिन तक धरती पै जल-प्रलय होन्दा रह्या; अर पाणी घणाए बढ़दा गया, जिसतै जहाज धरती पै तै उप्पर उठण लाग्या, अर वो धरती पै तै ऊँच्चा उठ ग्या। 18 पाणी बढ़दे-बढ़दे धरती पै भोत-ए बढ़ ग्या, अर जहाज पाणी के उप्पर-उप्पर तिरदा रह्या। 24 अर बाढ़ का पाणी धरती पै एक सौ पचास दिन तक रह्या।