माफ ने कोअनारा सेवकोअ काईं
21 ताहां पेत्र ईसुउ जागे आवित कोयो, "प्रभु, जर माआं पाही गुनू कोअतू रोय, ताहां आंय तियाहा केतीही वाआ माफ कोओ, केहें हांत वाआ जाआं?"
22 ईसु तियाहा कोयो, "आंय ताहूं ओं नाहां कोतू के, तू हांत वाआ कोअ, पोन हांतोअ सत्तर वारी माफ कोअजी."