30 यह संभव है कि जवान तो थकते,
और मूर्छित हो जाते हैं और लड़खड़ा जाते हैं;
31 परंतु जो याहवेह पर भरोसा रखते हैं
वे नया बल पाते जाएंगे.
वे उकाबों की नाई उड़ेंगे;
वे दौड़ेंगे, किंतु श्रमित न होंगे,
चलेंगे, किंतु थकित न होंगे.
30 यह संभव है कि जवान तो थकते,
और मूर्छित हो जाते हैं और लड़खड़ा जाते हैं;
31 परंतु जो याहवेह पर भरोसा रखते हैं
वे नया बल पाते जाएंगे.
वे उकाबों की नाई उड़ेंगे;
वे दौड़ेंगे, किंतु श्रमित न होंगे,
चलेंगे, किंतु थकित न होंगे.