Pular para o conteúdo
Publicidade

यशायाह 61

हवि वर

1 पर रभहवआतै,

ोंि हवअभिि

ि उत़िों तक समिे,

तथुःमनवों ांि ूं,

ि िों िि तथिों ि

टकरचकरूं,

2 ि हवि वररचकरूं,

और हमपरमवर बदलिरच,

ि उन सभांि िें ैं,

3 ़िें िकर रहैं, उनें भसनहीं—

परुंदर पगड़ी ांूं,

ि उनकुःजगह,

आनलग

और उनकउदहटकर यश ओढओढ़ा

िससधरऔर हवलगकहलऔर

हवमहिरकट ो.

4 तब डहरों नरिकरेंे,

बहपहलशहरों मरममत करेंे;

उज़े नगरों िबसेंे.

5 अपरिि़-बकरिों खभकरेंे;

िओर खभकरेंे.

6 िंहविकहलओगे,

मकहमपरमवर वक कहेंे.

अनयजिों पति हकदोंे,

तथउनकधन पर गरकरे.

7 अपनलजपर

ें िा,

तथिंपर

अपनरण हरकरेंे.

अपनें ोंे,

और सदआनिरहे.

8 "ोंि ैं, हव, िूं;

अनऔर डकैं करतूं.

इसलिैं उनें सचरतिफल ूं

तथउनकसदांूंा.

9 उनकजनतें रसिएग

तथउनकों हवआशिोंे.

सभउनें पहच

उनें ेंे."

10 ैं हवें अतआनिा;

परमवर ें मगन ोंे.

ोंि उनोंउदवसपहन

और धरदर ओढ़ा ी,

ों अपनआपकसजै,

और हन गहनों ृंकरतै.

11 ोंि िरकि अपनउपज उग

और ें गयिकरतै,

उसरकरभहव

सब ों िकतबढ़ाे.

Veja também