4 जत्यार में नजर उची कर्यो, ता देख्यो के धुराव भणी गेथी लेहराती जाय्न आक्ठु भेळ मोट्ली आंजी आव्वा बाज री, अने तीनी ह़ाते मोट्लु वादळु अने तीनी चारो-मेर वीजाळु अने आक्ठु नी वचा-वच पपलत्लु पीतळ ने तेवु कंय देखाव पड़े। 5 अने तीनी वच मे गेथा च्यार जीव ने तेवा कंय नीकळ्या, तीमनो रुप माणहुन तेवो हतो।1:5 परकासीतवाक्य 4:6