12 तैं पूरी ताकत से खेती करन की कोसिस करैगो, तौ भी तोकै पूरी फसल नाय मिलैगी; और तोकै पृथ्वी मैं घर ना मिलैगो और भटकन बारो रहगो।
13 तौ कैन प्रभु से कही, "जौ सजा मेरे सहन से बाहर है। 14 तू मोए जमीन और अपनी मौजूदगी से दूर कर दौ है। मैं पृथ्वी मैं बेघर भटकत फिरंगो, और जो कोई मोए पागो बौ मोए मार डारैगो।"
15 लेकिन प्रभु जबाब दई, "न। अगर कोई तोकै मार डारैगो तौ बासे सात गुना बदला लौ जागो।" और प्रभु कैन के ताहीं एक चिन्ह ठहराई, ऐसो ना होबै कि कोई बाकै पाएकै मार डारै। 16 और कैन प्रभु के सामने से दूर ही गौ और "नोद" नाओं के देस मैं रहन लगो, जो अदन के अगार दिसा मैं है।