19 मै आज अकास अर धरती दोनुआ ताहीं थारै स्याम्ही इस बात की गवाही बणाऊँ सूं, के मन्नै जीवन अर मरण, आशीष अर श्राप ताहीं थारै आग्गै धरया सै; इस करकै तू जीवन नै ए अपणाले, के तू अर तेरी पीढ़ी दोन्नु जिन्दा रहवै;
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19 मै आज अकास अर धरती दोनुआ ताहीं थारै स्याम्ही इस बात की गवाही बणाऊँ सूं, के मन्नै जीवन अर मरण, आशीष अर श्राप ताहीं थारै आग्गै धरया सै; इस करकै तू जीवन नै ए अपणाले, के तू अर तेरी पीढ़ी दोन्नु जिन्दा रहवै;