Pular para o conteúdo
Publicidade

व्यवस्थाविवरण 4

9 "घणजरथम अपणसचरहो, अर अपणमन घणकसकरो, कदइसो-थमनअपणां उन ीं , अर िदगभरकतर मन रहवै; पर थम उन ीं अपणटयाँ ां ीं िईयो। 10 करकउस ििथम अपणपरमसवर यहखड़े े, ियहकहा, उन णसां कठकर उननअपणवचन ँ, िसतिैं, ितनिधरतिरहवैं उतनिभय रहवैं, अर अपणाँ-ळ-बच्‍चयां िै।’

Veja também