अब्राम की बुलाहट
1 एक दिन यहोवा नै अब्राम तै कह्या, "अपणे देश, अर अपणी जन्म-भूमि, अर अपणे पिता कै घर नै छोड़कै उस देश म्ह चल्या जा जो मै तन्नै दिखाऊँगा। 2 अर मै तेरे तै एक बड्डी जात्ति बणाऊँगा, अर तन्नै आशीष दियुँगा, अर तेरा नाम महान करुँगा, अर तू आशीष का जरिया होवैगा। 3 अर जो तन्नै आशीर्वाद दे, उसनै मै आशीष दियुँगा; अर जो तन्नै कोस्सै, उसनै मै श्राप दियुँगा; अर धरती के सारे कुल तेरे जरिये आशीष पावैगें।"