भगवान कळी काजे बणायु
1 सुरु मां भगवान सरग ने धरती काजे बणायु। 2 सुरु मां धरतीन आकार वारु नी हतलो ने सुन्ली हतली। ने बेसका पाणी पर आंदारलो हतलो, ने भगवानेन जीव-आत्मा पाणी पर फीरतेलो।
1 सुरु मां भगवान सरग ने धरती काजे बणायु। 2 सुरु मां धरतीन आकार वारु नी हतलो ने सुन्ली हतली। ने बेसका पाणी पर आंदारलो हतलो, ने भगवानेन जीव-आत्मा पाणी पर फीरतेलो।