4 ने भगवान वीजाळा काजे देखीन कह्यु। ज वारु छे। ने जा-जा वीजाळो हयो चां-चां सी आंधारो छेटे हय गुयो असु करीन भगवान आंधारा काजे वीजाळाम सी छेटे कर देदु।
10 भगवान सुकली जागान नाव धरती पाड़्यु ने जो पाणी भेळो हय रवलो, तीना पाणीन नाव समुंदर पाड़्यु। तत्यार भगवान जो देखीन कह्यु वारु छे। 12 ने धरतीम सी भात-भातीन फळ लावण्या झाड़का उंगी गुया, तींद्रेम भाती-भातीन बीज रवे, ने भाती-भातीन दाणावाळा टटाळा, ने आखी भातीन झाड़का ने बीज उंगी गुया, ने भगवान जो आखो देखीन कह्यु, जो वारु छे।
18 ने दीसु ने रात पर हक करे, ने वीजाळा काजे आंधारा सी अलग करे : भगवान देख्यु की जो वारु छे।
21 हेरेसी भगवान पाणी मां रहण्या भाती-भातीन ने मटा-मटा पाणीम रहण्या जानवर्या बणायु, ने ईनी रीती वाहळा मां उडन्या, चिरला काजे बी जाती-जातीन अनसारे बणायु, ने भगवान जो आखो देखीन कह्यु, "जो वारु छे।"
25 असु करीन भगवान धरती पर जाती-जातीन जंगली जानवर्या काजे, ने जाती-जातीन घरेन जानवर्या काजे, ने जाती-जातीन जागा पर आखा घीसड़ायन्या जानवर्या काजे, बणायु; ने देखीन भगवान काजे वारु लाग्यो।
31 तत्यार भगवान ज काय बणावलु, चो आखो देखीन कह्यु, "जो बेसको वारु छे।" तत्यार सांतो हयो, अळतेन संदारो हयो। तसों करीन छटवु दाहड़ु हय ज्यु।