Pular para o conteúdo
Publicidade

उबजाणनी किताप 27

41 एसुंहय ्‌ु, यबरकत दलु; हयअस्‌कर्‌ी, "मरनधड़ेे, अळतयस "

42 जत्‌बकहल्‌एसमळी, तत्‌हयआपसनल्‌यन कय, "मळ, एसरनकर्‌ु। 43 ां , ्‌ा, मळ, ां ां रव; 44 ़ाहड़ा लग, मतलब जत्‌लग यन तत्‌लग धड़े रवजी। 45 ़ाहड़ा ां सरे, े। तत्‌ां वणकरवर्‌मकलआवतरवजी। असहवणहजी, एकहड़े ुंं लड़ायन मर ु। ुंं वणीं्‌ी।"

Veja também