45 ने थुड़ाक दाहड़ा मां तारु भाय वीसरी जासे, ने तेरी रीस सेळाय जासे। तत्यार मे तुसे काजे चां सी बुलावणे करीन पावर्याक मकलीस। ने तु आवती रवजी। असो नी हवणु चाहजे की, एकुत दाहड़े तुहुंं लड़ायन मर जावु। मे तुहुंं दुयु काजे खुवणे नी हींड्ती।"
45 ने थुड़ाक दाहड़ा मां तारु भाय वीसरी जासे, ने तेरी रीस सेळाय जासे। तत्यार मे तुसे काजे चां सी बुलावणे करीन पावर्याक मकलीस। ने तु आवती रवजी। असो नी हवणु चाहजे की, एकुत दाहड़े तुहुंं लड़ायन मर जावु। मे तुहुंं दुयु काजे खुवणे नी हींड्ती।"