8 भगवान नुह काजे ने तेरा पुर्या काजे अघु कवतुत गुयु, 9 "सामळु, मे तुंद्रे भेळु ने तुंद्रे पछळ जी तुंद्री अवल्यात आवसे, तींद्रे सी बी वायदु करु; 10 ने आखा जीवतेला जानवर्या सी बी बुली बांदो, जे ढंड्याम सी खयड़े आवला छे। चिरला साते, ने आखा जानवर्या साते बुली बांदो। 11 हंय सी कदी बी मुसळ-धार्यु पाणी पाड़ीन मे माणसे काजे ने जीव जानवर्या काजे नी मारो। मे ईनी बुली काजे कदी नी वीसरो।" 12 अळी भगवान कह्यु, "मे तुंद्रे साते ने आखा जीवतेला जीवे सी जी बुली करलु, ची बुली पीड़ीडीट बणली रवसे; तीना वायदान सहलाणी जी छे: 13 मे वादळा मां बाम मेल दम। जु बाम धरतीन ने मारे ईचमां जु वायदु हवलु छे, तेरी सहलाणी रवसे।
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