31 "तिहीं वाअहीं तुमू सिंता कोइत एहें मा कोहा के आपू कि खाहूं, नेत कि पीहूं, नेत कि पेवहूं. 32 काहाके ए आखी गोठी मेलवीलोअ काजे दुन्याआ माअहें तोड़पीइतेहें. तुमुहूं यीं आखी गोठीइ गरज होय ओं तुमाआं होरगामेर्याआ आब्हाहा मुंदू होय.
31 "तिहीं वाअहीं तुमू सिंता कोइत एहें मा कोहा के आपू कि खाहूं, नेत कि पीहूं, नेत कि पेवहूं. 32 काहाके ए आखी गोठी मेलवीलोअ काजे दुन्याआ माअहें तोड़पीइतेहें. तुमुहूं यीं आखी गोठीइ गरज होय ओं तुमाआं होरगामेर्याआ आब्हाहा मुंदू होय.